एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में ‘डाक विभाग द्वारा महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान’ करने बारे सेमिनार का आयोजन
कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उठाया सेमिनार में मिली जानकारी का लाभ
डाकखाने की सेवाओं ने हमारे जीवन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है: सुरेश कुमार राठौर
BOL PANIPAT , 18 सितम्बर. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में ‘डाकविभाग द्वारा महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान’ करने के बारे में सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें बतौर मुख्य अतिथि और वक्ता सुरेश कुमार हेड पोस्ट मास्टर पानीपत ने शिरकत की और डाकखाने दारा आमजन को प्रदान करने वाली आर्थिक, जीवन-बीमा, पोस्टल आदि से जुडी विस्तृत जानकारी दी । उनके साथ विशिष्ट उपस्थिति में गीता कश्यप असिस्टेंट पोस्ट मास्टर और साक्षी कपूर पोस्टल असिस्टेंट ने कार्यक्रम में शिरकत की । मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ रवि कुमार और डॉ प्रियंका चांदना ने पौधा-रोपित गमले भेंट करके किया । डॉ एसके वर्मा और डॉ राहुल जैन भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे । मंच का संचालन डॉ दीपा वर्मा ने किया ।
सुरेश कुमार राठौर ने कहा कि डाकखाने में कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की जाती हैं जो हमारे दैनिक जीवन में बहुत उपयोगी होती हैं । इन सेवाओं का लाभ उठाकर हम अपने कामों को आसानी से और जल्दी पूरा कर सकते हैं । डाकखाने का प्रमुख कार्य यह है कि इसके माध्यम से हम अपने पत्र, पार्सल और पैकेज कहीं पर भी भेज सकते हैं । यह सेवा न केवल व्यक्तिगत बल्कि व्यावसायिक उपयोग के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है । हम मनीऑर्डर के माध्यम से अपने पैसे कहीं पर भी भेज सकते हैं और यह सेवा उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो अपने परिवार के सदस्यों को पैसे भेजना चाहते हैं । आजकल डाकखानों में बैंकिंग सेवाएं भी उपलब्ध होती हैं जैसे कि खाता खोलना, पैसे जमा करना और पैसो की निकासी करना । आधार कार्ड बनवाने, इसमें सुधार करने और प्रिंट आउट निकालने जैसी सेवाएं भी दाखानों द्वारा प्रदान की जाती हैं । दाखानों के माध्यम से हम जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकते है । इसके अलावा पेंशन संबंधी सेवाएं भी डाकखाने में उपलब्ध होती हैं । अब तो डाकखानों में बीमा सेवाएं भी उपलब्ध होने लगी है । उमंग ऐप के माध्यम से हम विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं जैसे कि जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि । पासपोर्ट बनवाने का काम भी दाखानों में होने लगा है । सुकन्या योजना का जिक्र करते हुए उन्होनें प्रत्येक विद्यार्थी से कहा कि वे इसके बारे में अपने अभिभावकों और रिश्तेदारों को अवश्य बताये ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि पोस्ट ऑफिस का इतिहास बहुत पुराना है और इसका विकास समय के साथ हुआ है । भारत में डाक व्यवस्था का इतिहास प्राचीन काल से है जब शासकों ने संदेश भेजने के लिए डाक व्यवस्था का उपयोग किया था । शुरू में इसके लिए घुड़सवारों और पैदल दूतों का उपयोग किया था । ब्रिटिश काल में आधुनिक डाक व्यवस्था की स्थापना हुई थी जब लॉर्ड क्लाइव ने 1766 में बंगाल में डाक व्यवस्था की शुरुआत की । 1852 में भारत में डाक टिकट की शुरुआत हुई जो डाक व्यवस्था के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था । 1866 में पोस्ट ऑफिस एक्ट पारित हुआ था जिसने डाक व्यवस्था को नियमित करने के लिए नियम बनाए थे । स्वतंत्रता के बाद डाक व्यवस्था का विस्तार हुआ जिसमें डाक सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया गया । आज के युग में डाक विभाग ने नई सेवाएं शुरू की जिसमें मनीऑर्डर, स्पीड पोस्ट और ऑनलाइन सेवाएं शामिल है । वर्तमानमें डाक विभाग ने आधुनिकीकरण की प्रक्रिया शुरू की है जिसमें प्रौद्योगिकी का उपयोग करके सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है ।
डॉ दीपा वर्मा ने कहा कि आजकल पोस्ट ऑफिस न केवल डाक सेवाएं प्रदान करता है बल्कि अन्य सेवाएं भी देता है जैसे कि बैंकिंग, बीमा, और ऑनलाइन सेवाएं । पोस्ट ऑफिस का इतिहास दर्शाता है कि कैसे यह संस्था समय के साथ विकसित हुई है और आज लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नई सेवाएं प्रदान कर रही है ।

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