विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर नशे के खिलाफ जागरूक किया
-मोहयूदीनपुर थिराना व बेगमपुर बापडोद गांव में डोर टू डोर ग्रामीणों को नशे के खिलाफ जागरूक किया
-नशा किसी के दुख दर्द कम करने का साधन नहीं है बल्कि नशा धीरे धीरे व्यक्ति को समाप्त कर देता है, नशे को जड़ से मिटाने के लिए आगे आए युवा; डीएसपी नरेंद्र सिंह
BOL PANIPAT , 24 नवंबर, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के कुशल नेतृत्व में जिला पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया है। अभियान के तहत गठित की नशा मुक्त टीम ने सोमवार को मोहयूदीनपुर थिराना गांव के सरकारी स्कूल में पहुंचकर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस की जागरूकता टीम सुबह प्रार्थना के समय स्कूल में पहुंची और विद्यार्थियों को जागरूक किया। टीम द्वारा नशे के दुष्प्रभावों और इससे होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान के बारे विस्तार से समझाया गया कि नशा करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य तो बिगड़ता ही है, साथ ही उसका सामाजिक जीवन, शिक्षा और भविष्य भी प्रभावित होता है। विद्यार्थियों को नशा न करने की शपथ दिलाई। इसके साथ ही टीम ने मोहयूदीनपुर थिराना व बेगमपुर बापडोद गांव में डोर टू डोर पहुंचकर ग्रामीणों को नशे के खिलाफ जागरूक किया।
जिला में नशा मुक्त अभियान के नोडल अधिकारी डीएसपी नरेंद्र सिंह ने कहा कि जीवन में किसी लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हमें नशे से दूर रहना होगा। नशे से दूर रहेंगे तो जीवन में हर वह लक्ष्य पा सकते हैं जिसकी हम कल्पना करते हैं।
नशा एक ऐसी चीज है जो हमारे सपनों को तो खत्म करता ही है साथ ही हमें अंदर से खोखला भी बनाता है। नशा किसी के दुख दर्द कम करने का साधन नहीं है बल्कि नशा धीरे धीरे व्यक्ति को समाप्त कर देता है। नशा मुक्त युवा ही मजबूत समाज और समृदध देश का निर्माण कर सकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का आहवान किया और कहा युवा पढाई के साथ साथ खेलों मे अपना जीवन सवारे।
उन्होंने कहा कि आज का युवा अपने मकसद और अपने सपनों से सिर्फ इसलिए भटक रहा है क्योंकि वह नशे की गिरफ्त में जा रहा है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है। युवाओं को नशे की गर्त से बचाने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों व आमजन को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। नशे को जड़ से मिटाने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। उन्हे खुद नशे से दूर रहकर अन्य लोगों को भी जागरूक करना होगा।
उन्होंने आमजन से भी अपील कि है कि आसपास में नशा बिक रहा है या कोई नशे का आदी है तो उसकी सूचना जिला पुलिस को या नेशनल नारकोटिक्स मानस हेल्प लाइन 1933 पर दे।
जिला के 153 गांव व 35 वार्ड नशा मुक्त घोषित हो चुके
पुलिस नशा तस्करों को गिरफ्तार कर नशीले पदार्थों की बरामदगी सुनिश्चित करती है और साथ ही नशे पर रोकथाम के लिए सफल प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के सहयोग से जिले के 153 गांव व 35 वार्डों को नशा मुक्त घोषित किया जा चुका है। इनमें 108 गांव में खेल प्रतियोगिता आयोजित करवाई जा चुकी है।
1086 लोगों का नशे की गर्त से निकाल मुख्य धारा में जोड़ने का काम किया जा चुका
जिला पुलिस द्वारा नशे की गर्त में फंसे 1086 लोगों की सिविल अस्पताल के डी एडिक्शन सेंटर में काउंसिलिग करवा कर नशे की लत को खत्म करने के लिए उनको दवा दिलाई गई। उक्त लोगों को नशे की गर्त से निकालकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का काम जिला पुलिस द्वारा किया जा चुका है।

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