टैक्सी स्टैंड पर ड्राइवरों व आमजन को नशे के दुष्प्रभाव की जानकारी देकर किया जागरूक
-नशा करके ड्राइविंग करना अपने साथ-साथ दूसरों की जान के लिए भी खतरा : डीएसपी नरेंद्र सिंह
BOL PANIPAT : 28 नवंबर : पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के कुशल नेतृत्व में जिला पुलिस नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए हुए है। नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए गठित की पुलिस टीम ने शुक्रवार को मतलौडा में टैक्सी स्टैंड पर ड्राइवरों व आमजन को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर जागरूक किया।
टीम द्वारा नशे के दुष्प्रभावों और इससे होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान के बारे विस्तार से समझाया गया। नशा करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य तो बिगड़ता ही है, साथ ही उसका सामाजिक जीवन और भविष्य भी प्रभावित होता है।
नशा मुक्त अभियान के जिला में नोडल अधिकारी डीएसपी नरेंद्र सिंह ने कहा कि नशा एक अभिशाप है। इस अभिशाप को जड़ से खत्म करने के लिए समाज के सभी लोगों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। नशा व्यक्ति के शरीर के लिए तो हानिकारक है ही, साथ में यह अपराध करने का मुख्य कारण भी बनता है। जो व्यक्ति नशा करने लग जाता है तो वह नशा पूर्ति के लिए पैसे ना होने पर अपराधिक वारदातों को अंजाम देने लग जाता है।
उन्होंने कहा कि नशे का सड़क दुर्घटना होने में भी एक अहम कारण है। आजकल काफी लोग विभिन्न प्रकार का नशा करके गाड़ी चलाते हैं जो अपनी जान के साथ-साथ दूसरे व्यक्ति की जान के लिए भी खतरा पैदा करते हैं और कई बार तो अपनी जान से हाथ भी धो बैठते हैं। इसलिए कभी भी नशा करके ड्राइविंग नहीं करनी चाहिए।
नशा रोकने के लिए आगे आएं, मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दें जानकारी
पुलिस टीम ने इस दौरान राष्ट्रीय हेल्पलाइन मानस 1933 के बारे में विस्तार से बताया और नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की नशीली दवाओं के व्यापार, तस्करी की जानकारी हो, तो वे सरकार द्वारा जारी किए नेशनल नारकोटिक्स मानस हेल्पलाइन 1933 पर तुरंत सूचित करें।
नशे से संबंधित सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, नागरिक बिना किसी डर या संकोच के नशीली दवाओं के अवैध व्यापार से जुड़ी जानकारी साझा करे। यह हेल्पलाइन नंबर सातों दिन 24 घंटे सक्रिय है।

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