100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त भारत के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने ली जागरूकता की जिम्मेवारी
BOL PANIPAT : सिवाह के सोनधामुनि सेंटर में इसराना और समालखा ब्लॉक की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ आज एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें उन्हें लैंगिक भेदभाव, यौन शोषण, बाल विवाह के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन सहयोगी संस्था एमडीडी ऑफ इंडिया से सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता पायल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लैंगिक भेदभाव हमारे समाज की एक कड़वी सच्चाई है जिस वजह से हरियाणा का लिंग अनुपात बेहद कम है। आज भी समाज में लड़कियों और महिलाओं को दोयम दर्जे का माना जाता है जिस वजह से उन्हें शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। इसी कारण उनकी पढ़ाई और कैरियर को महत्व नहीं दिया जाता और कम उम्र में ही उनकी पढ़ाई छुड़वाकर उन्हें घर के कामकाज में लगा दिया जाता है। इस वजह से हर साल हजारों की संख्या में बाल विवाह होते हैं। एक अनुमान के अनुसार देश में 18 साल से कम उम्र की 15 लाख से ज्यादा बलवधुएं हैं। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बाल विवाह एक अपराध है जिसके लिए बाल विवाह में शामिल किसी भी व्यक्ति को 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है लेकिन इसके बावजूद रिपोर्ट और सजा की दर काफी कम है। इसलिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान और कानून के सख्ती से पालन की जरूरत है।
आंगनवाड़ी विभाग से इसराना एवं समालखा की सीडीपीओ अंजू ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री द्वारा 27 नवंबर 2024 को विज्ञान भवन दिल्ली से बाल विवाह मुक्त अभियान शुरू किया गया था जिसके तहत गांवों, शहरों, स्कूल, कालेजों में जागरूकता अभियान, रैलियां, नुक्कड़ नाटक, मशाल जुलूस इत्यादि आयोजित किए जा रहे हैं। अभी 4 दिसंबर से 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा सके और बाल विवाह नामक बुराई को समाज से खत्म किया जा सके। जब हमारी बच्चियां स्वस्थ और मजबूत होंगी तभी देश भी मजबूत रह पाएगा। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को बाल विवाह के खिलाफ सघन अभियान चलाने की जरूरत है।
इस मौके पर आंगनवाड़ी सुपरवाइजर रीना, सुमन, सीनम, मंजू, असिस्टेंट संजू व इसराना और समालखा ब्लॉक की सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रही। इस दौरान सभी कार्यकर्ताओं को बाल विवाह के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई।

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