जनता समाधान शिविर बना आमजन की उम्मीद, हर शिकायत पर प्रशासन सख्त: उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया
-लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गैरहाजिर अफसरों पर निश्चित रूप से होगी कार्रवाई
-10 बजे के बाद डीजे बजाने पर होगी बड़ी कार्रवाई
-शिकायतों के निस्तारण में प्रशासन पूरी तरह गंभीर, 18 मामलों पर तुरंत एक्शन
-शिविर में दिखा सुशासन का असर, शिकायतकर्ताओं ने जताया संतोष
BOL PANIPAT , 15 जनवरी। हरियाणा के यशस्वी मुख्यमंत्री नायब सिंह के कुशल मार्गदर्शन और उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया के दिशा निर्देश पर जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित किए जा रहे जनता समाधान शिविर आमजन के लिए उम्मीद की मजबूत किरण बनकर उभर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन न केवल जनता की समस्याएं सुन रहा है, बल्कि उनके त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर पूरी गंभीरता के साथ काम कर रहा है। गुरुवार को जिला सचिवालय के सभागार में आयोजित जनता समाधान शिविर में उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने स्वयं जन शिकायतों की सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता समाधान शिविर में दर्ज होने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि शिविर में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश हैं कि जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। समाधान शिविर उसी सोच का परिणाम है। हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने रात्रि के 10 बजे के बाद डीजे बजाने वाले पर बड़ी कार्यवाही करने के भी शिविर में निर्देश दिए।
जिला परिषद सीईओ डॉ. किरण ने कहा कि जनता समाधान शिविर केवल सुनवाई का मंच नहीं, बल्कि समाधान की गारंटी है। जिला परिषद से जुड़ी हर शिकायत का त्वरित समाधान किया जाएगा। किसी भी पात्र व्यक्ति को उसका हक मिलने से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. संजय ने कहा कि नगर निगम से संबंधित समस्याओं जैसे पानी, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सजग है। शिविर में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा में किया जाएगा और जनता को राहत दिलाई जाएगी।
पुलिस उप अधीक्षक सतीश वत्स ने कहा कि पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। चोरी, कानून व्यवस्था और सुरक्षा से संबंधित मामलों में त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
डीडीपीओ राजेश शर्मा ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ जरूर मिलेगा।
शिविर में कुल 18 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें अधिकांश शिकायतें फैमिली आईडी में आय कम करवाने, पेंशन बनवाने और पुलिस विभाग से संबंधित रहीं। उपायुक्त डॉ. दहिया ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शिविर में शिकायतकर्ता रेखा ने अपने खेत की जमीन के लिए पानी की व्यवस्था करवाने का अनुरोध किया। प्रशासन ने संबंधित विभाग को मौके पर ही आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। कौशल्या ने राशन कार्ड बनवाने के लिए गुहार लगाई, जिस पर अधिकारियों ने जल्द प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया। वहीं यशपाल निवासी नांगल खेड़ी ने अपने पुस्तैनी मकान में हुई चोरी का सामान बरामद करवाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। एक शिकायत कर्ता ने कहा कि पहली बार लगा कि हमारी बात सही जगह सुनी जा रही है। अधिकारी गंभीरता से सुन रहे हैं और समाधान का भरोसा दे रहे हैं।
एक अन्य शिकायतकर्ता ने कहा कि अब तक कई बार दफ्तरों के चक्कर लगाए, लेकिन आज समाधान शिविर में उम्मीद जगी है। पुलिस से संबंधित एक शिकायत पर एक शिकायत कर्ता ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने मेरी शिकायत ध्यान से सुनी और कार्रवाई का भरोसा दिया, इससे मन को तसल्ली मिली है। जनता समाधान शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता मौजूद रहे। कुल मिलाकर यह शिविर प्रशासन की जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन की सोच को मजबूती से दर्शाता नजर आया।

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