हिस्सेदारी में प्लाट खरीदने के नाम पर 28 लाख की धोखाधड़ी (ठगी) करने का आरोपी गिरफ्तार
BOL PANIPAT , 05 फरवरी : हिस्सेदारी में प्लाट की खरीद फरोख्त में मुनाफे का झांसा देकर दोस्त से 28 लाख की धोखाधड़ी (ठगी) करने मामले में आरोपी ने बुधवार को माननीय न्यायालय में सरेंडर किया। सीआईए वन पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए माननीय न्यायालय से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। आरोपी की पहचान विकास नगर निवासी हरि कृष्ण के रूप में हुई है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम द्वारा उसके संभाविक ठीकानों पर दबिश दी जा रही थी।
सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी हरि कृष्ण ने हिस्सेदारी में प्लाट खरीदने के नाम पर विकास नगर एनएफएल टाउनशिप निवासी अपने दोस्त प्रदीप रावल से 28 लाख रूपए ठगी करने की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने वीरवार को पूछताछ के बाद रिमांड अवधी पूरी होने पर आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया।
प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विकास नगर एनएफएल टाउनशिप निवासी प्रदीप रावल पुत्र अतर सिंह रावल ने शिकायत देकर बताया था कि विकास नगर निवासी हरि कृष्ण, उसकी पत्नी व बेटे की हमारे परिवार के साथ जांन पहचान थी। हरि कृष्ण ने उसको साझेदारी में एक प्लाट खरीदने की बात कर कहा बाद में प्लाट बेचकर जो मुनाफा होगा हिस्सेनुसार बाट लेगे। इसके बाद हरि कृष्ण ने हिस्सेदारी में प्लाट खरीदने के लिए उससे वर्ष 2020 में 28 लाख रूपए कैश लेकर कैथल में अपनी मां के नाम एक प्लाट खरीद लिया। उसको उक्त प्लाट की 42 लाख रूपए कीमत बताई गई। हरि कृष्ण ने प्लाट के दो हिस्सो का स्वयं को व एक हिस्से का उसको मालिक बताया। उसने हरि कृष्ण को प्लाट के कागजात दिखाने के लिए कहा तो वह टाल मटोल करता रहा और बाद में कहने लगा अभी वह विदेश में है वापिस आने पर प्लाट का दो तिहाई हिस्सा नाम करवा देगा। वर्ष 2024 में उसको पैसों की जरूरत थी तो हरि कृष्ण को खरीदा गया प्लाट बेचकर पैसे देने के लिए कहा। हरि कृष्ण ने जून 2024 में प्लाट की कीमत लगाकर उसके हिस्से के 57 लाख रूपए देना का इकरारनाम लिखकर दिया। हरि कृष्ण ने इकरारनामें में लिखा अगस्त 2032 तक 60 हजार रूपए प्रतिमाह उसको देगा। उसने हरि कृष्ण से पैसे मांगे तो दो दिन में इक्कठे 10 लाख रूपए देने की बात कही। हरि कृष्ण ने उक्त समय अवधि के दौरान उसको पैसे नहीं दिए। उसने हरि कृष्ण को फोन किया उसका नंबर नहीं मिला। इसके बाद हरि कृष्ण का पता लगाने के लिए उसने अपने कार्यालय में काम करने वाले अनिल नाम के लड़के को 29 सितंबर 2025 को हरि कृष्ण के घर भेजा। घर के बाहर से आवाज लगाई तो हरि कृष्ण की माता व अन्य सदस्यों ने गेट पर आकर अनिल के साथ गाली गलौच करने के साथ दुव्यवहार किया। इसके साथ ही उसको व अनिल को हरि कृष्ण के अपहरण, मारपीट व फिरौती मांगने के झूठे केस में फसाने की धमकी दी। आसपास के लोगों ने समझाया। हरि कृष्ण ने धोखाधड़ी कर प्लाट में इन्वेस्ट करने के बहाने उससे पैसे लिए थे। वापिस मांगने पर आरोपी ने उसके व चार अन्य लोगों के खिलाफ झूठी शिकायत दी थी। जांच में सभी आरोप झूठे व बेबुनियाद पाए गए। आरोपी ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उससे ठगी व धोखाधड़ी की है। प्रदीप की शिकायत पर थाना औद्योगिक सेक्टर 29 में आईपीसी की धारा 406, 420, 34 के तहत अभियोग दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई गई थी। बाद में उक्त मामले की जांच व आरोपी की धरपकड़ की जिम्मेदारी सीआईए वन पुलिस टीम को सौंपी गई थी।

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