समय पर भुगतान और मजबूत व्यवस्थाओं से किसानों को राहत: उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
मंडियों में व्यवस्था दुरुस्त, किसानों को हर सुविधा सुनिश्चित
आश्वासन: पोर्टल समस्या जल्द होगी दूर, खरीद प्रक्रिया रहेगी पारदर्शी
सरकार किसानों के साथ, मंडियों में हर स्तर पर बेहतर प्रबंधन
प्रशासनिक अधिकारियों ने किया इसराना अनाज मंडी का औचक निरीक्षण
BOL PANIPAT , 15 अप्रैल। जिले की अनाज मंडियों में चल रही गेहूं खरीद प्रक्रिया का जायजा लेने के लिए मंगलवार को उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इसराना की नई अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खरीद, उठान और भुगतान व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया तथा मौके पर मौजूद किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। निरीक्षण के दौरान अधिकांश किसानों ने मंडी में उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। किसानों ने बताया कि उन्हें उनकी फसल का भुगतान समय पर मिल रहा है और मंडी में पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उचित रूप से उपलब्ध हैं। हालांकि, किसानों ने खरीद प्रक्रिया से जुड़े पोर्टल के सुचारू रूप से कार्य न करने की समस्या को प्रमुख रूप से उठाया। किसानों का कहना था कि तकनीकी बाधाओं के कारण उन्हें कुछ असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें हल्की बेचैनी बनी हुई है। इस पर उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पोर्टल से संबंधित समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जा रहा है। सम्बंधित विभाग इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है और बहुत जल्द पोर्टल की स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए डिजिटल प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। उपायुक्त ने किसानों से मंडी में खरीद, उठान और भुगतान की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। किसान जय करण ने बताया कि मंडी की व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं और उन्हें समय पर भुगतान प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी व्यवस्थित हैं तथा बायोमेट्रिक और गेट पास से संबंधित किसी प्रकार की समस्या इसराना मंडी में नहीं है। इस अवसर पर कुछ किसानों ने ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी, जिस पर उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑफलाइन प्रणाली से किसानों को किसी प्रकार का लाभ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ऑफलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है और कार्य में देरी भी हो सकती है, इसलिए डिजिटल व्यवस्था को ही अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाया जा रहा है।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि प्रशासन मंडियों में खरीद प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और सुचारू व्यवस्था के साथ संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार किसानों के साथ खड़ी है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो। उपायुक्त ने बताया कि हैफेड द्वारा अब तक लगभग 77 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जिसमें से 20 हजार क्विंटल से अधिक का उठान भी हो चुका है तथा 1012 किसानों के खातों में भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार वेयरहाउस के माध्यम से भी 77 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जिसमें से 19 हजार क्विंटल का उठान हो चुका है और 850 किसानों के खातों में भुगतान भेजा जा चुका है।
उपायुक्त ने कहा कि यह आंकड़े दर्शाते हैं कि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और किसानों को किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी नहीं होने दी जा रही है। वहीं, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मंडियों में कानून व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ है। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंडी परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान सुरक्षित और सहज वातावरण में अपनी फसल की बिक्री कर सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या समस्या उत्पन्न होने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वास्तविकता यह है कि इसराना मंडी में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से जारी रह सके।

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