प्रधान मंत्री संपदा योजना से बदलेगा ग्रामीण अर्थतंत्र की तस्वीर: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
-मछली पालन से मिलेगा बढ़ावा. तालाब, तकनीक और रोजगार से बढ़ेगी किसानों की आय. किसानों को बैंक दे रहे अच्छे लोन.
BOL PANIPAT , 22 अप्रैल । जिला सचिवालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र का समग्र विकास करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। इस योजना को लेकर प्रशासन मछली उत्पादन बढ़ाने पर कार्य कर रहा हैं।
उपायुक्त ने बताया कि विशेष रूप से अनुपयोगी और कम उपजाऊ भूमि को मछली पालन के माध्यम से आय का स्थायी स्रोत बनाने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन होगा और लोगों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित होगी। सरकार द्वारा दी जा रही तकनीकी और वित्तीय सहायता से एक नई पीढ़ी के प्रशिक्षित मछली किसान तैयार होंगे, जो आधुनिक तकनीकों को अपनाकर इस क्षेत्र को और आगे बढ़ाएंगे।

उपायुक्त ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ें ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकें। उपायुक्त ने कहा कि केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही है।
उपायुक्त ने बताया कि योजना’ का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, जल क्षेत्र का विस्तार करना और मछली पालन को संगठित व आधुनिक बनाना है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मछली किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, आधुनिक उपकरण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन करने में मदद मिल रही है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है।
उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि जिले के मतलोडा, इसराना, बापौली और समालखा क्षेत्रों में इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा रहा है। परियोजना की डिजाइन और लेआउट विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने विशेष रूप से कहा कि इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (एससी) परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। इससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कम उपजाऊ और अनुपयोगी भूमि को मछली पालन परियोजनाओं में बदलकर उसे आय का बेहतर स्रोत बनाया जा रहा है।
डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और ‘संपदा योजना’ के संयुक्त प्रभाव से जिले में मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों तक इसका फायदा पहुंच सके और पानीपत जिला मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बन सके। इस मौके पर सीईओ डॉ किरण, डीएफओ योगेश शर्मा, फिशरी अधिकारी अनुज कुमारी, एसडीओ देवेंद्र कुहाड़, मदन मोहन आदि मौजूद रहे।

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