समाधान शिविर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेह प्रशासन की पहचान: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
जनता समाधान शिविर बना जन विश्वास का केंद्र, 27 शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई
प्रशासन की सख्ती,हर शिकायत का तय समय में होगा समाधान
अधिकारी समस्याओं को गंभीरता से ले
BOL PANIPAT , 27 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनता समाधान शिविर आम लोगों के लिए भरोसे का मजबूत मंच बनता जा रहा हैं। सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 27 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश जारी किए गए।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता समाधान शिविर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेह प्रशासन की पहचान है। हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तय समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें और प्रार्थियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जनता की सुरक्षा और विश्वास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर शिकायत पर सख्त कार्रवाई होगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस विभाग पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।
सीईओ डॉ. किरण ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। पंचायत स्तर पर निगरानी को और मजबूत किया गया है, ताकि हर पात्र व्यक्ति को समय पर सुविधाएं मिलें और किसी भी प्रकार की अनदेखी की गुंजाइश न रहे।
डीडीपीओ राजेश शर्मा ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ तेज गति से किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि गांव स्तर की अधिकतर समस्याओं का स्थायी समाधान हो, ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिविर में प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से फैमिली आईडी में आय संशोधन, पेंशन, क्रेडिट तथा पुलिस विभाग से संबंधित मामले शामिल रहे। उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि इन शिकायतों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिविर के दौरान कई नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। 68 वर्षीय राज रानी ने गुलाबी कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया और बताया कि उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। वहीं राम नगर निवासी आयना ने अपने घर पर बिजली मीटर लगवाने की मांग रखी। एक अन्य प्रार्थी ने गुम हुई आरसी दिलवाने के लिए आरटीए विभाग से गुहार लगाई। सुरेंद्र नामक प्रार्थी ने बिजली बिल में गड़बड़ी को ठीक कराने की मांग उठाई।
इस अवसर पर डीएसपी सतीश वत्स, डीएमसी अरुण भार्गव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनता समाधान शिविर के माध्यम से प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही साफ तौर पर नजर आ रही है। आमजन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

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