सटीक उच्चारण ही भाषा की असली पहचान: आई.बी. पी.जी. कॉलेज में IPA, ‘अंतर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला’ गतिविधि का सफल आयोजन
BOL PANIPAT : सटीक उच्चारण ही भाषा की असली पहचान है, और इसी उद्देश्य को सार्थक करते हुए आई.बी. पी.जी. कॉलेज के अंग्रेजी विभाग द्वारा हाल ही में एक बौद्धिक और रचनात्मक गतिविधि IPA, ‘अंतर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला’ का आयोजन किया गया। इस गतिविधि में एम.ए. फाइनल के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय दिया।
IPA एक ऐसी मानकीकृत प्रणाली है जिसमें दुनिया की सभी भाषाओं की ध्वनियों को लिखने के लिए विशिष्ट प्रतीकों का उपयोग किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी शब्द का सटीक उच्चारण बिना किसी भ्रम के समझा जा सके। विद्यार्थियों को इन बारीकियों से अवगत कराने के लिए छात्रों ने अपनी रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया और चार्ट्स व मॉडल्स के माध्यम से यह दर्शाया कि स्वर और व्यंजन की ध्वनियाँ किस प्रकार कार्य करती हैं। विद्यार्थियों ने न केवल अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाई, बल्कि भाषा विज्ञान के एक कठिन विषय को अपनी मौलिकता से सरल और सुगम बना दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतवीर सिंह ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक युग में संवाद कौशल के लिए उच्चारण की शुद्धता अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के भीतर छिपे आत्मविश्वास को जागृत करती हैं और उन्हें किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ती हैं। प्राचार्य ने अंग्रेजी विभाग और गतिविधि इंचार्ज एकता के इस अभिनव प्रयोग को कॉलेज की शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने छात्रों द्वारा बनाए गए रचनात्मक चार्ट्स और मॉडल्स का सूक्ष्मता से अवलोकन किया और उनकी कड़ी मेहनत को सराहा। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. नीलम ने बताया कि भाषा के क्षेत्र में सटीक उच्चारण कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शब्दों का सही ज्ञान और उनका शुद्ध उच्चारण ही एक भाषा के विद्यार्थी को विशेषज्ञ बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ‘ध्वनि विज्ञान’ (Phonetics) की यह समझ उनके भविष्य के करियर और शिक्षण कौशल में मील का पत्थर साबित होगी।
इस सफल आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों के भाषाई ज्ञान को समृद्ध किया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि यदि कठिन विषयों को रचनात्मकता और कुशल मार्गदर्शन के साथ पढ़ाया जाए, तो वे अधिक प्रभावशाली और स्थायी बन जाते हैं।गतिविधि की इंचार्ज एकता चौधरी के कुशल निर्देशन में विद्यार्थियों ने इस आयोजन को न केवल अनुशासित बनाया, बल्कि इसे एक सीखने योग्य मंच के रूप में प्रयोग किया

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