एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की एमएससी केमिस्ट्री की होनहार छात्रा ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट में किया पहले स्थान पर कब्ज़ा
रसायन शास्त्र का भविष्य पहले भी स्वर्णिम था और भविष्य में भी रहेगा: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT ,05 मई. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की होनहार एवं प्रतिभाशाली छात्रा चारु दूरेजा ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की एमएससी केमिस्ट्री(रसायन शास्त्र-तृतीय सेमेस्टर) की परीक्षा में शानदार परिणाम प्राप्त कर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की मेरिट लिस्ट में पहले स्थान पर कब्ज़ा किया और एसडी पीजी कॉलेज का नाम प्रदेश में रोशन कर तहलका मचा दिया.चारु दूरेजा ने400 में से 332 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया.विश्वविधालय द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद यह जानकारी कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दी. एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने मेधावी छात्रा पर गर्व करते हुए उसकी मेहनत और लगन की भरपूर सराहना की.रसायन स्नातकोत्तर विभाग से डॉ प्रोमिला, प्रो राहुल, प्रो शिवी, प्रो कीर्ति और प्रो प्रियंका ने चारु दूरेजा के प्रयासों की जमकर तारीफ़ की और उसके भविष्य को उज्जवल और सुनहरा बताया. विदित रहे कि एसडी पीजी कॉलेज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय रसायन विभाग के अतिरिक्त एमएससी केमिस्ट्री विषय को प्रारम्भ करने वाला एक अग्रणी कॉलेज है जिससे जिले और आस-पास के राज्यों के विद्यार्थियों को अत्यधिक फायदा हुआ है. हर्ष की बात यह है कि इस पाठ्यक्रम के प्रारम्भ होने के बाद से ही एमएससी रसायन के अनेकों विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी मेरिट लिस्ट में सर्वोच्च स्थान पाकर अपना भविष्य उज्जवल किया है और कॉलेज को गौरवान्वित किया है.आज का परिणाम एक बार फिर उसी उज्जवल परिपाटी का द्योतक है जिसे कॉलेज साल-दर-साल साबित करता आ रहा है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि कॉलेज में एमएससी रसायन शास्त्र कोर्स को लेकर एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी शुरू से ही प्रयासरत और सकारात्मक रही है. एमएससी केमिस्ट्री के विद्यार्थियों ने भी कॉलेज के इस फैसले को अपनी मेहनत और परिणामों के बल पर सार्थक साबित किया हैऔर प्रत्येक वर्ष हर सेमेस्टर में छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन शानदार रहा है.चारू दूरेजा ने मेहनत और लगन के बल पर यूनिवर्सिटी की मेरिट लिस्ट में स्थान पाकर कॉलेज का मान बढ़ाया है.यूनिवर्सिटी की मेरिट लिस्ट में स्थान बनाना कोई साधारण उपलब्धि नहीं होती है. यह एक विलक्षण उपलब्धि है जिसने कॉलेज इतिहास में नई जगह बनाई है. उन्होनें रसायन विभाग के सभी प्राध्यापकों और एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी की ह्रदय से तारीफ़ करते हुए कहा कि यह सभी की मेहनत का परिणाम है.रसायन विषय में निपुण विद्यार्थियों के लिए करियर में बहुत सारे विकल्प मौजूद है. कॉलेजों, विश्वविधालयों और संस्थानों में युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर तो है ही साथ ही अनुसंधान, इंडस्ट्रीज और तकनीक के क्षेत्र में भी कितने ही आयाम रसायन शास्त्र को उपलब्ध है. हम सभी जानते है कि विभिन्न प्रकार के नए-नए आविष्कारों से नई-नई प्रौद्योगिकी का निजात होता है. रसायन शास्त्र की हर नई खोज मानव जीवन के दैनिक कार्यों को सुगम बनाती है जिससे हमारा जीवन अधिक सुविधाजनक हो पाता है. रसायन शास्त्र का भविष्य पहले भी स्वर्णिम था और आगे भी रहेगा.
एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान पवन गोयल ने अपने संदेश में कहा कि कॉलेज की छात्रा चारु ने एक बार फिर उन्हें गौरवान्वित किया है.चारु ने जो हासिल किया है वह दूसरे विद्यार्थियों के लिए अनुसरण करने का अवसर बनेगा.कॉलेज प्रबंधकारिणी अपने हर विद्यार्थी के उज्जवल भविष्य को लेकर पूरी तरह दृढ़ संकल्प है और यहाँ के विद्यार्थी नैतिक एवं व्यवहारिक शिक्षा पाकर समाज और मानवता की सेवा करे यही उनकी कामना है. उन्होनें कहा कि रसायन शास्त्र में मास्टर डिग्री करने के बाद विद्यार्थी किसी सरकारी, निजी एवं शैक्षिक संस्थान में रोजगार प्राप्त कर सकता है या शोध, अनुसंधान और तकनीक की दिशा में आगे बढ़ सकता है. मेहनती छात्र-छात्रा को ऊँचा मुकाम पाने से कोई नहीं रोक सकता है बशर्ते वे अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केन्द्रित रह कर आगे बढ़ते रहे. उन्होंने कहा कि आज के प्रतियोगी युग में सफल होने के लिए वृहद एवं व्यावहारिक ज्ञान का होना बहुत जरूरी है. इस छात्रा की सफलता के लिए उन्होंने पूरे स्नातकोत्तर विभाग के प्रयासों की सराहना की. ऐसे विद्यार्थी जहाँ एक तरफ प्रोफेसर, टीचर या वैज्ञानिक बनकर दूसरों को भी विज्ञान के प्रति जागरूक करते है वहीँ के रिसर्चर बनकर नए-नए पदार्थ मानव सेवा को अर्पित करेंगे.आज के इस वैज्ञानिक युग में हर कार्य में वैज्ञानिक उपकरणों तथा रसायनों का उपयोग अपरिहार्य होता जा रहा है. इसलिए छात्रों में रसायन विज्ञान के प्रति सही रुचि पैदा करना बहुत जरूरी हैताकि वे रसायन से जुड़े उपकरणों तथा रसायनों से भली-भाँति परिचित होकर उनका समुचित ढंग से उपयोग करना सीख सकें एवं अपने दैनिक जीवन में उनकालाभ उठाकर मानवता की सेवा कर सकें.
चारु दूरेजा ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और प्राध्यापकों को दिया.उसने कहा कि वे भविष्य में इसी विषय में शोध करना चाहती है.चारु ने विश्वास दिलाया कि वह इसी तरह मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ती रहेगी और आगे भी अपने माता-पिता, कॉलेज प्रबंधकारिणी, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा औरअपने प्राध्यापकों डॉ प्रोमिला,प्रो राहुल,प्रो शिवी, और प्रो प्रियंका को गौरवान्वित करेंगी.

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