लेनिन की मूर्ति तोड़ने वाले तुम दुनिया में पहले नहीं हो : कामरेड दरियाव सिंह कश्यप
BOL PANIPAT : करनाल, 8 मई भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप ने कोलकाता में भाजपा – आर एस एस कार्यकर्ताओं द्वारा दुनिया की मेहनतकश जनता के नायक व्लादिमीर इलिच लेनिन की प्रतिमा तोड़ने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लेनिन की मूर्ति तोड़ने वाले तुम दुनिया में पहले नहीं हो।
आज यहां जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में कामरेड कश्यप ने कहा कि लेनिन की मूर्ति तोड़ने वाले इंडोनेशिया में भी थे, चिली में भी थे, कीव में भी थे, ब्राजील में भी थे । उन्होंने कहा कि लेनिन की मूर्ति तोड़ने वाले दुनिया में एक से एक बर्बर तानाशाह आए और चले गए। लेनिन की मूर्ति तोड़ने वाले कभी न कभी मर ही जाते हैं, लेकिन लेनिन ज़िंदा रहते हैं , दुनिया के हर कोने में। वही लेनिन जो दुनिया से जाने के सौ साल बाद भी पीढ़ी दर पीढ़ी सर्वहारा वर्ग के हरावल दस्ते का पथ प्रदर्शक बनते हुए घास की तरह तुम्हारे हर किए धरे पर उग आता है, मुक्तिकामी ज़िंदा नौजवानों की नित नई पौध उगाता रहता है। भगतसिंह का लेनिन के विचारों को आत्मसात करना किसी बुत या प्रतिमा का मोहताज थोड़ी न था।
कामरेड कश्यप ने कहा कि तुम्हारा लेनिन से ख़ौफ़ खाना बिल्कुल जायज़ है, मुझे ख़ुशी है कि तुम लेनिन की प्रतिमा तोड़ रहे हो, और दुनिया के हम तमाम लेनिनवादियों के इस यकीन को पुख़्ता कर रहे हो कि लेनिन न सिर्फ़ ज़िंदा है, बल्कि दुनिया के तमाम बर्बरों, जोंक, परजीवियों के लिए आज भी दहशत का सबब है ।

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