स्वस्थ पशु, अधिक दूध: सही समय पर नहलाना पशुपालकों के लिए लाभ का मंत्र : उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
पशुओं की देखभाल में न बरतें लापरवाही, गलत समय पर नहलाने से हो सकता है नुकसान : उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
गर्मी में पशुओं को हीट स्ट्रेस से बचाने के लिए अपनाएं सही स्नान प्रबंधन
पशु स्वास्थ्य ही किसान की समृद्धि की कुंजी, नहलाने का सही तरीका बढ़ाएगा उत्पादन – डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
BOL PANIPAT , 31 मई। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा है कि पशुपालन किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए उनकी नियमित देखभाल अत्यंत आवश्यक है।
उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि पशुओं को सही समय और सही तरीके से नहलाने से न केवल उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता है बल्कि हीट स्ट्रेस कम होने से दूध उत्पादन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि वर्तमान गर्मी के मौसम में पशुओं को सुबह या शाम के समय नहलाना सबसे उपयुक्त रहता है। दोपहर की तेज धूप में पशुओं को नहलाने से शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है और कई बार पशु बीमार भी हो सकते हैं।
पशु पालन विभाग के एस डी ओ डॉ श्री भगवान ने पशुपालकों से अपील की कि वे पशुओं को गर्मी में नियमित रूप से नहलाएं तथा शरीर को अच्छी तरह रगड़कर साफ करें ताकि त्वचा संबंधी रोगों और संक्रमण से बचाव हो सके।
उन्होंने कहा कि सर्दियों में पशुओं को धूप निकलने के बाद ही नहलाना चाहिए तथा दूध देने के तुरंत बाद स्नान नहीं करवाना चाहिए। पशु को कुछ समय आराम देने के बाद ही नहलाना उचित रहता है। नहलाने के बाद पशु के शरीर को अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है ताकि फंगस और अन्य बीमारियों का खतरा न रहे।
उपायुक्त ने कहा कि स्वस्थ पशु ही समृद्ध किसान की पहचान है। पशुपालकों द्वारा अपनाई गई छोटी-छोटी सावधानियां पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि कर सकती हैं। उन्होंने पशुपालकों से वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों को अपनाने और पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

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