बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस नीति, शिकायत मिलते ही होगी त्वरित कार्रवाई: नगराधीश टीनू पोसवाल
बाल श्रम के खिलाफ सख्त अभियान जारी, ड्रॉप आउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ें
स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर पुन: दाखिला सुनिश्चित करें नगराधीश
बाल मजदूरी रोकने के लिए संयुक्त अभियान तेज, संवेदनशील क्षेत्रों में होगी विशेष निगरानी
BOL PANIPAT , 2 जून। जिला सचिवालय सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक नगराधीश टीनू पोसवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों ने भाग लिया तथा जिले में बाल श्रम रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की पिछली बैठक 24 फरवरी को आयोजित हुई थी, जिसमें भविष्य में बाल श्रम अधिनियम की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने तथा प्राप्त होने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फरवरी 2026 से अब तक बाल श्रम से संबंधित पांच शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनकी जांच उपरांत कोई भी बाल श्रमिक कार्य करता हुआ नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग द्वारा श्रम निरीक्षक सर्कल-1 से 6 के माध्यम से ईंट-भट्टों, दुकानों एवं अन्य कार्यस्थलों पर लगातार बाल श्रम सर्वे एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिले में संचालित संस्थानों एवं भवनों के प्रबंधकों से बाल श्रम निषेध संबंधी सूचना पट्ट एवं बोर्ड भी लगवाए गए हैं।
बैठक को संबोधित करते हुए नगराधीश टीनू पोसवाल ने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है और इसे समाप्त करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बच्चों का स्थान कार्यस्थलों पर नहीं बल्कि विद्यालयों में है। स्कूलों से ड्रॉप आउट हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें पुन: शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों, औद्योगिक इकाइयों, दुकानों, ढाबों, कार्यस्थलों एवं ईंट-भट्टों पर नियमित निरीक्षण किए जाएं। जहां कहीं भी बाल मजदूरी की आशंका हो, वहां सघन जांच की जाए तथा आवश्यकता पडऩे पर वीडियो ग्राफी करवाकर पुलिस के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएं ताकि दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
नगराधीश ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व भी है। प्रत्येक नागरिक को बाल श्रम की किसी भी घटना की सूचना प्रशासन तक पहुंचानी चाहिए ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके और उन्हें बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके। इस मौके पर डीएलसी हेमा , सीएमओ डॉ विजय मलिक,श्रम विभाग से बलजीत,विनोद कुमार, पुष्पेंद्र शर्मा के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे।

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