जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना : सीजेएम वर्षा शर्मा
जेल लोक अदालत से मिली न्याय की राहत
चोरी के मामले का निपटारा कर विचाराधीन बंदी रिहा
विधिक सहायता से सुलझा मामला, जिला कारागार सिवाह में आयोजित जेल लोक अदालत बनी न्याय का माध्यम
BOL PANIPAT , 3 जून। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार बुधवार को जिला कारागार में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह लोक अदालत मुख्य न्यायिकदंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वर्षा शर्मा की अध्यक्षता एवं देखरेख में संपन्न हुई।
जेल लोक अदालत के दौरान चोरी से संबंधित एक मामले की सुनवाई की गई। मामले का आपसी सहमति एवं विधिक सहायता के माध्यम से सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।
इसके परिणामस्वरूप मामले में शामिल एक विचाराधीन बंदी को तत्काल प्रभाव से रिहा कर दिया गया।
इस अवसर पर वर्षा शर्मा ने जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों से संवाद स्थापित किया तथा उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। जेलों में निरुद्ध बंदियों को भी विधिक सहायता प्राप्त करने का पूर्ण अधिकार है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्राधिकरण निरंतर कार्य कर रहा है।
जेल लोक अदालत का यह आयोजन विधिक सेवा प्राधिकरणों की उस सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है तथा जेलों में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों एवं अन्य कैदियों के अधिकारों एवं कल्याण की रक्षा की जा रही है। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल मामलों के त्वरित निस्तारण को बढ़ावा मिलता है, बल्कि न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ और जनोन्मुखी बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।

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