नया सफर योजना पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल: नगराधीश टीनू पोसवाल
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर बड़ा प्रहार, ‘नया सफर योजना’ से बदले जाएंगे पुराने ट्रक और बसें
हरियाणा को होगा 1063 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ
केंद्र ने बताई योजना की आर्थिक मजबूती
सडक़ परिवहन मंत्रालय के सचिव ने दिए दिशा-निर्देश, जिला स्तर पर शुरू होगी प्रभावी मॉनिटरिंग
BOL PANIPAT , 11 जून। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नया सफर योजना फॉर ट्रक्स एंड बसेस को लेकर बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। केंद्र सरकार के सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वीडियो कांफ्रेंसिंग मे बताया गया कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रकों और बसों को हटाकर नए एवं कम प्रदूषणकारी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दो वर्षीय महत्वाकांक्षी नया सफर योजना को मंजूरी प्रदान की है। इस योजना के तहत दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत बीएस-4 तथा उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले ट्रक एवं बस मालिकों को बीएस-6, सीएनजी अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सचिव ने बताया कि सरकार का उद्देश्य वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी लाना तथा स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है। एनसीआर में लगभग 2.07 लाख वाहन मालिकों को इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत केंद्र सरकार नए वाहन खरीदने वालों को पांच वर्षों तक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन, वाहन श्रेणी के अनुसार प्रतिमाह 4,800 रुपये तक के ईंधन वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराएगी। एनसीआर में पीएम 2.5, कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषकों का बड़ा स्रोत है। पुराने भारी वाहनों के स्थान पर बीएस-6 एवं इलेक्ट्रिक वाहनों के आने से प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। योजना की निगरानी केंद्र स्तर पर कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित सशक्त समिति द्वारा की जाएगी, जबकि जिला स्तर पर उपायुक्त एवं जिला प्रशासन इसके क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
नगराधीश टीनू पोसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की नया सफर योजना पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम होगी बल्कि परिवहन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि योजना से वाहन मालिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा, रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सुधारने में भी बड़ी मदद मिलेगी। इस मौके पर आर टी ए डॉ नीरज जिंदल और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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