आर्य पी.जी. कॉलेज में एमओयू हस्ताक्षर एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का भव्य आयोजन
BOL PANIPAT , 3 जुलाई, 2026 : आर्य पी.जी. कॉलेज, में विभिन्न संस्थाओं के साथ सहमति ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षर समारोह एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अनुसंधान, कौशल विकास, इंटर्नशिप, उद्यमिता, रोजगार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं औपचारिक स्वागत समारोह के साथ हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने सभी विशिष्ट अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया तथा इसे पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास का प्रतीक बताया। अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आस्था गुप्ता, डॉ. रजनी शर्मा, डॉ. सोनिया सोनी, समन्वयक प्रो. पंकज चौधरी तथा डॉ. मनीषा नागपाल को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन सभी के समन्वित प्रयासों से विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट अकादमिक एवं व्यावसायिक मंच तैयार हुआ है, जिसका लाभ आने वाले समय में अनेक विद्यार्थियों को मिलेगा। समारोह के दौरान 7 प्रतिष्ठित संस्थाओं, कंपनियों एवं संगठनों के साथ सहमति ज्ञापनों एम ओ यू पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें , बिल्डिंग ब्राइट जेनेरेसन वेल्फेयर सोसाइटी, देहरादून सी.ए पानीपत ब्रांच एन आई आर सी प्रेप एन गैन , टाई इन एच आर सुपोर्ट एल एल पी एच ए एमबीसन अकादमी एस सहित कुल सात संस्थाएँ शामिल रहीं। इन एमओयू का उद्देश्य विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, कौशल विकास, अनुसंधान, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स, कार्यशालाओं, सेमिनारों, करियर मार्गदर्शन, प्लेसमेंट सहायता तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि ये साझेदारियाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं रोजगार क्षमता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। उन्होंने कहा कि ऐसे सहयोगात्मक समझौते विद्यार्थियों को उद्योग, शिक्षा और समाज के साथ जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेंगे तथा उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) अलका सूरी, चेयरपर्सन, बिल्डिंग ब्राइट जेनेरेसन वेल्फेयर सोसाइटी, देहरादून , ने कहा कि वर्तमान समय में शैक्षणिक संस्थानों को उद्योग एवं सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर विद्यार्थियों के लिए व्यवहारिक शिक्षण, इंटर्नशिप एवं अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। उन्होंने महाविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) सुमनजीत सिंह, दिल्ली विश्वविधालय , ने अपने उद्बोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों एवं सामाजिक संगठनों के मध्य साझेदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान, बौद्धिक संपदा अधिकार तथा कौशल विकास के क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
समन्वयक प्रो. पंकज चौधरी ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में एमओयू एवं इंटर्नशिप की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर अनुभवात्मक, कौशल-आधारित शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं उद्योग-अकादमिक सहभागिता को बढ़ावा देती है। उन्होंने बताया कि विभिन्न संस्थाओं के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, शोध परियोजनाओं, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स, कार्यशालाओं, सेमिनारों, उद्यमिता विकास कार्यक्रमों तथा प्लेसमेंट के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की साझेदारियाँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रोजगार क्षमता तथा व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करेंगी।
सी.ए पानीपत ब्रांच एन आई आर सी के चेयरपर्सन सीए भूपेन्द्र दीक्षित ने विद्यार्थियों को चार्टर्ड अकाउंटेंसी, वित्तीय साक्षरता, व्यावसायिक नैतिकता एवं करियर निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की तथा उन्हें व्यावसायिक उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। प्रेप एन गैन की निदेशक डॉ. रंजू ग्रोवर ने विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल एवं साक्षात्कार की तैयारी के महत्व पर प्रकाश डाला। एच आई सी के सेंटर हेड श्री बिजेन्द्र तथा अंबियसन लयब्ररी ऑफ अकादेमी की सेंटर हेड सुश्री मोनी सिंधु ने विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं, करियर योजना एवं निरंतर सीखने की संस्कृति अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, अनुसंधान परियोजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सेमिनारों, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स तथा प्लेसमेंट गतिविधियों में अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
महाविद्यालय की उपप्राचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने अपने संबोधन में एमओयू के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए उद्योग, सामाजिक संगठनों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोगात्मक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, अनुसंधान, कौशल विकास, फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त कार्यशालाओं, सेमिनारों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा प्लेसमेंट के व्यापक अवसर प्राप्त होते
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. रजनी शर्मा ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में इंटर्नशिप के महत्व पर प्रकाश डाला। इंटर्नशिप विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य परिवेश से परिचित कराती है, जिससे उनमें समस्या-समाधान क्षमता, नेतृत्व, टीमवर्क, संचार कौशल तथा व्यावसायिक दक्षता का विकास होता है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय द्वारा आयोजित इस प्रकार की इंटर्नशिप विद्यार्थियों को उद्योग, सामाजिक संस्थाओं एवं अकादमिक जगत से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं, जो उन्हें आत्मनिर्भर, रोजगारोन्मुख तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाती हैं।
इस अवसर पर डेवेलोपींग रिसर्च ऐप्टिटूड ” इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले 100 से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। अतिथियों ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों पर बधाई देते हुए उन्हें अनुसंधान, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस इंटर्नशिप कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में डॉ. रजनी शर्मा, प्रो. पंकज चौधरी, डॉ. सोनिया सोनी, डॉ. अंजू मलिक तथा डॉ. अमनदीप का विशेष सहयोग रहा। इनके समन्वित प्रयासों एवं मार्गदर्शन से इंटर्नशिप का सफलतापूर्वक संचालन हुआ, जिससे विद्यार्थियों को अनुसंधान, कौशल विकास एवं व्यावहारिक अधिगम से जुड़े बहुमूल्य अनुभव प्राप्त हुए।
इस अवसर पर आस्था गुप्ता, डॉ. रजनी शर्मा, डॉ. मनीषा नागपाल, प्रो. पंकज चौधरी, डॉ. सोनिया सोनी, श्रीमती वीनू भाटिया, दीक्षा नंदा, अंजू मलिक, डॉ. अमनदीप सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं इंटर्नशिप प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा समारोह को सफल बनाने में अपना सक्रिय योगदान दिया। कार्यक्रम का समापन अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

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