मतदाता सत्यापन अभियान के दौरान साइबर ठगी से रहें सतर्क : अधिवक्ता निखिल चुघ
BOL PANIPAT । अधिवक्ता, लेखक एवं सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य निखिल चुघ ने नागरिकों से चल रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के दौरान साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब भी किसी सरकारी प्रक्रिया या जनहित अभियान का व्यापक स्तर पर संचालन होता है, कुछ असामाजिक तत्व लोगों को भ्रमित कर फर्जी कॉल, संदेश, लिंक अथवा नकली वेबसाइटों के माध्यम से धोखाधड़ी करने का प्रयास कर सकते हैं।
निखिल चुघ ने कहा कि यदि किसी नागरिक को मतदाता सत्यापन, दस्तावेज़ जमा करने या नाम जोड़ने अथवा संशोधन के संबंध में कोई संदिग्ध कॉल, व्हाट्सएप संदेश, लिंक या क्यूआर कोड प्राप्त होता है, तो उस पर बिना पुष्टि किए विश्वास नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम विवरण या अन्य गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी कार्य के लिए अपने क्षेत्र के अधिकृत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अथवा संबंधित निर्वाचन कार्यालय से ही संपर्क करें। किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल अधिकृत माध्यमों से ही करें और सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट संदेशों या अफवाहों पर भरोसा न करें।
अधिवक्ता निखिल चुघ ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों के विरुद्ध सबसे प्रभावी सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे जनहित अभियानों का लाभ तभी सही तरीके से मिल सकता है, जब नागरिक सतर्क रहें और साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी का प्रयास होता है या वह साइबर अपराध का शिकार बनता है, तो उसे बिना विलंब संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए। समय पर की गई शिकायत से नुकसान कम होने की संभावना बढ़ जाती है।
अंत में उन्होंने कहा कि “लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी जितनी आवश्यक है, उतनी ही आवश्यक डिजिटल सतर्कता भी है। अपने मतदाता संबंधी कार्य केवल अधिकृत बीएलओ या निर्वाचन अधिकारियों के माध्यम से ही कराएं तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या संदेश से सावधान रहें।”

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