Thursday, July 9, 2026
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बैंकों में आवेदन करने वालों को ऋण से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या ना आए इसका बैंकर रखे विशेष ध्यान: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at July 9, 2026 Tags: , , , , ,

ग्रामीण आधारभूत ढांचा विकास निधि की परियोजनाओं में तेजी लाएं, लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करें अधिकारी

मुख्यमंत्री विंडो की लंबित शिकायतों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश

कृषि अवसंरचना निधि के कार्यों की भी समीक्षा

उपयुक्त ने विभिन्न योजनाओं पर की डीडीएम के साथ विस्तार पूर्वक चर्चा

BOL PANIPAT , 9 जुलाई। जिले में ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर गुरुवार को जिला सचिवालय सभागार में राष्टï्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ग्रामीण आधारभूत ढांचा विकास निधि (आरआईडीएफ) तथा कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने की।

  उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि विकास परियोजनाओं का सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिलता है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं की गति तेज करें। विशेष रूप से धीमी गति से चल रही परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

  गौरतलब है कि वर्तमान में जिले में आरआईडीएफ के अंतर्गत 21 परियोजनाएं संचालित हैं, जिनकी कुल वित्तीय लागत 473 करोड़ 16 लाख 58 हजार रुपये है। इन परियोजनाओं के लिए 436 करोड़ 54 लाख 3 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है। इनमें से सिंचाई एवं पशुपालन विभाग की सात परियोजनाएं हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से परियोजनावार जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी बाधाओं को तत्काल दूर कर कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों को जिले की आवश्यकता के अनुरूप ग्रामीण आधारभूत ढांचा विकास निधि के अंतर्गत नई परियोजनाओं के प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर भेजने के निर्देश भी दिए। साथ ही जिन परियोजनाओं में धनराशि की निकासी संभव है, वहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर तुरंत निकासी प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा, ताकि स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

    बैठक में कृषि अवसंरचना निधि के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 8 जुलाई 2026 तक जिले में 293 परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, जिनकी कुल लागत 129 करोड़ 48 लाख रुपये है। इनमें से 281 परियोजनाओं के लिए 121 करोड़ 43 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं 17 परियोजनाएं, जिनकी लागत 9 करोड़ 91 लाख रुपये है, अभी स्वीकृति की प्रतीक्षा में हैं, जबकि 12 परियोजनाओं में 8 करोड़ 4 लाख रुपये की राशि का वितरण लंबित है।

    इसके अलावा योजना के तहत 89 मामलों में भू-अंकन (जियो टैगिंग) का कार्य भी शेष है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों और बैंकों को निर्देश दिए कि स्वीकृति, राशि वितरण और भू-अंकन से जुड़े सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

    बैठक के दौरान उपायुक्त ने मुख्यमंत्री विंडो के अंतर्गत विभिन्न बैंकों में लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री विंडो की शेष लंबित शिकायतों का गंभीरता से, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों का त्वरित निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है । जिन बैंकों मैं उपभोक्ताओं ने ऋण के लिए आवेदन किया हुआ है उन्हें अति से गिरता सीरियल उपलब्ध कराया जाए।

  उपायुक्त ने कहा कि अधिकारी स्वयं नियमित निगरानी करते हुए शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करें। सभी विभाग विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करें, परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखें और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ धरातल पर लागू करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक से पहले सभी लंबित मामलों में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले के विकास कार्यों को और अधिक गति मिल सके। इस मौके पर पशुपालन विभाग की उपनिदेशक संजय आंतिल, डीडीएम रितु वर्मा के अलावा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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