डिकाडला निवासी तीन दोस्तों की स्कॉर्पियों से कुचलकर हत्या करने मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार
BOL PANIPAT , 09 जुलाई : डिकाडला गांव में स्कॉर्पियों से कुचलकर तीन दोस्तों की हत्या करने के मामले में सीआईए वन पुलिस ने तीसरे आरोपी डिकाडला निवासी संदीप को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को बुधवार शाम सिवाह के पास रोहतक बाइपास से काबू किया।

सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके अपने छोटे भाई मनीष व गांव निवासी तेजबीर उर्फ तेजा और नामजद फरार अन्य साथी आरोपियों के साथ मिलकर रंजिशन उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने वीरवार को आरोपी संदीप को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही फरार आरोपियों के ठीकानों का पता लगा काबू करने का प्रयास करेगी।
प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि मामले पहले गिरफ्तार हो चुके दो आरोपी तेजबीर उर्फ तेज व मनीष के पास से वारदात को अंजाम देने बाद भागने में प्रयोग की एक स्कॉर्पियों गाड़ी बरामद कर आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था आरोपी मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ दिन पूर्व खनन विभाग ने मनीष का डंपर व ट्राली खनन विभाग ने जब्त की थी। उन्हें गांव के नरेंद्र, अनीप और विनोद पर खनन विभाग में शिकायत करने का शक था। इसकी रंजिश रखते हुए दोनों ने फरार साथी आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचकर उक्त वारदात को अंजाम दिया था।
यह है मामला
थाना समालखा में डिकाडला निवासी विरेंद्र पुत्र फतेह सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वे पांच भाई है। 10 जून को रात करीब 9 बजे वह अपने छोटे भाई जितेंद्र के साथ समालखा में अपने हॉस्पिटल में था। तभी उनके पड़ोसी ने फोन कर सूचना दी की उसके भाई नरेंद्र व उसके दोस्त विनोद व अनीप पर जानलेवा हमला कर दिया है। तीनों को काफी चोटे आई है और उनकी हालत गंभीर है। वह भाई जितेंद्र व दोस्त परवीन के साथ तभी गांव के लिए निकल लिया। वे तीनों गाड़ी से जीटी रोड पर पहुचें तो गांव निवासी कुछ युवक गांड़ी से नरेंद्र को लेकर आए। उसको देखकर गाड़ी रोक ली औ वह उसी गाड़ी में बैठ गया। नरेंद्र को माथे पर चोट लगी थी। नरेंद्र, विनोद व अनीप को इलाज के लिए पहले ऑर्टियोस हॉस्पिटल लेकर गए। वहा से बाद में सिविल अस्पताल लेकर गए जहा डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। विरेंद्र ने शिकायत में बताया कि रास्ते में उसके भाई नरेंद्र ने दर्द से कहराते हुए बताया था गांव निवासी मनीष, संदीप, रविंद्र, नवीन, तुषार, सचिन, नीरज, राजबीर व आटा निवासी सूरज ने मिलकर पुरानी रंजिश रखते हुए गाड़ी से कुचलकर टक्कर मारी। नरेंद्र ने उसको बताया था कि वह शाम को हरिद्वार से वापिस आने के बाद देर शाम करीब 8 बजे दोस्त विनोद व अनीप के साथ खेतों में सैर करने गया था। वे तीनों सैर कर इलेक्ट्रिक स्कूटी पर घर लोट रहे थे। तभी आटा गांव की और से मनीष स्कार्पियों में अपने उक्त दोस्तों के साथ आया और पास से गुजर गए। कुछ देर बाद वही गाड़ी पीछे से आई और जान से मारने की नीयत से स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारकर आरोपी गाड़ी से नीचे उतरे और डंडे व लात घूस्सों से मारपीट की। आरोपी उन्हें मरा हुआ समझकर गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ महीने पहले उसका ट्रैक्टर ट्राली माइनिंग में जब्त हुआ था। मनीष इसका शक नरेंद्र पर करता था। इसी की रंजिश रखते हुए मनीष ने अपने उक्त साथी आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की उक्त वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने विरेंद्र की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना समालखा में अभियोग दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।

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