Wednesday, August 26, 2026
Newspaper and Magzine


टीबी उन्मूलन अभियान को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया जाए: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at August 26, 2026 Tags: , , , , ,

टीबी को छिपाएं नहीं, जांच कराएं और उपचार पाएं, जनभागीदारी से बनेगा टीबी मुक्त जिला

टीबी के खिलाफ विभाग ने तेज की जंग, पंचायतों से लेकर विभागों तक चलेगा जागरूकता अभियान

हर पंचायत बनेगी टीबी मुक्त अभियान की प्रहरी, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए निष्ठा से काम करने के निर्देश

BOL PANIPAT , 26 अगस्त। टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बुधवार को जिला सचिवालय के सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जिला टीबी फोरम की बैठक  कर समीक्षा कर  अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीबी उन्मूलन अभियान को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया जाए तथा प्रत्येक संभावित मरीज की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त डॉ. हरीश ने कहा कि टीबी केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। यदि हर अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और नागरिक अपने स्तर पर जागरूकता व सहयोग का संकल्प ले, तो टीबी को जड़ से समाप्त करना संभव है। उपायुक्त ने कहा कि टीबी की पहचान में देरी मरीज के साथ-साथ उसके परिवार और समुदाय के लिए भी जोखिम बढ़ाती है। इसलिए लक्षणों को छिपाने के बजाय समय पर जांच करवाना जरूरी है। जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक 1,223 शिविरों में 4,20,092 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें 56,184 लोगों की बलगम जांच तथा 42,154 लोगों की एक्स-रे जांच की गई। जांच के दौरान 5,102 टीबी मरीजों की पहचान हुई, जिनमें से 4,642 मरीज सफलतापूर्वक उपचार पूरा कर चुके हैं। जिले में 56 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के रूप में चिन्हित किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाए।

उपायुक्त डॉ हरीश ने जिला विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतों में टीबी के लक्षण, जांच, उपचार और सरकारी सुविधाओं को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। पंचायत प्रतिनिधियों को अभियान से जोडक़र घर-घर तक संदेश पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें टीबी के खिलाफ जनजागरूकता की मजबूत कड़ी बन सकती हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीबी मरीजों की पहचान के बाद उनका उपचार नियमित रूप से जारी रहे और मरीजों को पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनका फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाए। सीएमओ विजय मलिक ने बताया कि जिले में अब तक सहमति देने वाले टीबी मरीजों को 1,903 पोषण किट वितरित की जा चुकी हैं। बैठक में डॉ लाभ सिंह ने टीबी के बारे में जानकारी दी।

उपायुक्त ने कहा कि निक्षय मित्र पहल को और मजबूत किया जाए तथा अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक संस्थानों, व्यापारिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, आरडब्ल्यूए, स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को इससे जोड़ा जाए। सामुदायिक भागीदारी से ही टीबी मुक्त पानीपत का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है। बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति, निक्षय मित्र पंजीकरण, पोषण सहायता, जांच सुविधाओं और जनभागीदारी सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इस मौके पर एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, डीडीपीओ राजेश शर्मा, सीईओ डॉ. किरण, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, डॉ. लाभ सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Comments


Leave a Reply