Monday, September 21, 2026
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पानीपत पुलिस का जागरूकता अभियान निरंतर जारी, नशे की गिरफ्त और साइबर ठगी से बचें युवा

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at September 21, 2026 Tags: , , , , ,

आर्य कॉलेज में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम बताए, साइबर अपराध से बचाव के तरीके समझाए

BOL PANIPAT , 21 सितंबर : नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने और बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए पानीपत पुलिस का जागरूकता अभियान लगातार जारी है। सोमवार को नशा मुक्त अभियान की टीम ने आर्य कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के साथ-साथ साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी।

पुलिस टीम ने इस दौरान विद्यार्थियों को बताया कि नशा किसी एक व्यक्ति को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन को नुकसान पहुंचाती है। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों में लगाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने आसपास के युवाओं को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई।

एक क्लिक बन सकता है ठगी का कारण
कार्यक्रम में साइबर अपराध के प्रति भी विद्यार्थियों को विशेष रूप से सतर्क किया गया। पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधी फोन कॉल, व्हाट्सऐप मैसेज, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया, ऑनलाइन खरीदारी और फर्जी निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई लिंक खोलने, एप डाउनलोड करने या पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह जांच करना जरूरी है।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी और बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। सोशल मीडिया अकाउंट पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें।
पुलिस टीम ने बताया कि साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी ठगी की रकम को सुरक्षित कराने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी।

अभियान के जिला नोडल अधिकारी डीएसपी प्रणय कुमार ने कहा कि विद्यार्थी जागरूक और सतर्क रहकर वे स्वयं को नशे और साइबर अपराध दोनों से सुरक्षित रख सकते हैं। युवाओं की जागरूकता ही स्वस्थ समाज और सुरक्षित डिजिटल वातावरण की मजबूत नींव है।

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