श्री शक्तिपीठ संकट मोचन हनुमान मन्दिर, वार्ड नं. 9 का 58वाँ वार्षिकोत्सव प्रारंभ हुआ।
BOL PANIPAT : श्री हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में श्री शक्तिपीठ संकट मोचन हनुमान मन्दिर, वार्ड नं. 9 का 58वाँ वार्षिकोत्सव प्रारंभ हुआ। तपोवर हरिद्वार से पधारे पूज्य चरण श्री गीताभागवत व्यास डा. श्री स्वामी दिव्यानंद जी महाराज जी के सान्निध्य में सर्वप्रथम ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्जवलन मुख्य अतिथि गजेन्द्र सलूजा, अरूण सेठी, वरूण सेठी ने किया। ध्वजारोहण के साथ शहनाई की मधुर धुनों के बीच पावन कार्यक्रम का श्रीगणेश हुआ। रामचरितमानस के अंतर्गत श्री सुंदरकाण्ड की चौपाई ‘कुछक दिवस जननी धरू धीरा कपिन्ह सहित अइहहिं रघुबीरा’ की व्याख्या करते हुए स्वामी दिव्यानन्द जी महाराज ने बताया कि यह चौपाई श्री हनुमान जी ने अशोक वाटिका में माता सीता जी को सांत्वना देते हुए कही। हनुमान जी ने माता सीता को कहा कि माता आप कुछ दिन धीरज धरें श्री राम कपियों की सेना के साथ यहां आऐंगे और रावण का संहार कर आपको मुक्त करवायेंगे। स्वामी जी ने कहा कि यह चौपाई मनोविज्ञान से ओतप्रोत हैं। उन्होंने कहा कि माता सीता उस समय आत्महत्या के बारे में विचार कर रही थी और रावण से डरी हुई थी इसलिए हनुमान जी ने अपने वाकपटुता से माता का ध्यान पहले रावण से हटाकर राम में किया तथा बाद में अपना विशाल रूप दिखाकर माता के मन से डर को खत्म किया। उन्होंने कहा कि धर्म का पहला लक्षण ही धीरज को धारण करना है। इसके विपरीत यदि उतावलेपन में कोई निर्णय लिया तो फिर पछताना पड़ता है। मंच संचालन वेद बांगा ने किया। इस अवसर पर हेमन्त लखीना, पंकज सेठी, कुसुम धीमान, श्रवण लखीना, वेद सेठी, अशोक चुघ, संत लाल जुनेजा, अशोक जुनेजा, महेश जुनेजा, जवाहर डुडेजा, पंकज ढींगड़ा, अशोक चुघ, शिव जुनेजा आदि उपस्थित थे।

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