पानीपत को निर्यात हब के रूप में विकसित करने के लिए बनेगा ठोस रोड मैप: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
ई-कॉमर्स, अंतरराष्ट्रीय बाजार और निर्यात सुविधाओं का लाभ उद्योगों तक पहुंचाना प्राथमिकता
निर्यात क्षमता वाले उत्पादों की पहचान कर नए निर्यातकों और एमएसएमई को मिलेगा बढ़ावा
जिला निर्यात कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभाग आपसी समन्वय से करें कार्य
BOL PANIPAT , 25 अगस्त। जिलों को निर्यात के मजबूत केंद्रों के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय में डिस्ट्रिक्ट्स एज एक्सपोर्ट हब (डीईएच) पहल के तहत बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा संबंधित हितधारकों के साथ जिले की निर्यात क्षमता, निर्यात को बढ़ावा देने के उपायों और जिला निर्यात कार्ययोजना को प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पानीपत की पहचान देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने मजबूत औद्योगिक आधार, हथकरघा, टेक्सटाइल, होम फर्निशिंग तथा अन्य उत्पादों के लिए है। ऐसे में जिले की मौजूदा औद्योगिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग से जोडक़र निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ठोस और परिणाम आधारित कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए।
उपायुक्त डॉ हरीश ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में निर्यात की संभावनाओं वाले उत्पादों एवं सेवाओं की पहचान कर उनके विस्तार की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। नए उद्यमियों और एमएसएमई इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोडऩा, उन्हें निर्यात संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध करवाना तथा आवश्यक सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करवाने के लिए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उपायुक्त ने कहा कि ई-कॉमर्स के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच आज निर्यात के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अवसर है। जिले के उद्यमियों को ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट, नए बाजारों की संभावनाओं, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात संबंधी वित्तीय सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
उपायुक्त डॉ हरीश ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट एक्शन प्लान को केवल दस्तावेज तक सीमित न रखते हुए इसे समयबद्ध लक्ष्य, स्पष्ट जिम्मेदारियों और नियमित समीक्षा के साथ धरातल पर लागू किया जाए। निर्यातकों के सामने आने वाली समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने पर भी उन्होंने जोर दिया। बैठक में डीजीएफटी, जिला उद्योग केंद्र, एमएसएमई से मैनेजर रितु लीड बैंक से जितेंद्र, नाबार्ड, ईसीजीसी, सिडबी, कस्टम विभाग, निर्यात संवर्धन परिषदों तथा औद्योगिक संगठनों के समन्वय से निर्यात को बढ़ावा देने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि पानीपत को निर्यात के क्षेत्र में देश के अग्रणी जिलों में शामिल करने के लिए प्रशासन, उद्योग जगत और संबंधित संस्थाओं को एक सांझा लक्ष्य के साथ आगे बढऩा होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में तय किए गए बिंदुओं पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए निर्यात बढ़ाने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बैठक में निगम संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी, हरियाणा चैंबर ऑफ कामर्स राजीव अग्रवाल, फेडरेशन का इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन से संयुक्त निदेशक सुनीता, मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव अभिषेक, विनोद एक्सपोर्टर विनोद धमीजा के अलावा कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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