मुख्यमंत्री की बड़ी पहल,पानीपत-2041 विकास योजना को मिली नई दिशा, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप होगा शहर का विस्तार: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
आबादी को ध्यान में रखकर बनेगी विकास रूपरेखा, आधुनिक सडक़ नेटवर्क और आधारभूत सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक, विकास योजना पर दिए अहम निर्देश
जिला प्रशासन करेगा प्रभावी क्रियान्वयन
संतुलित, सुनियोजित और आधुनिक पानीपत के निर्माण की ओर बड़ा कदम
जनहित और दीर्घकालिक विकास रहेगा सर्वोच्च प्राथमिकता
BOL PANIPAT , 3 अगस्त। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) की बैठक में पानीपत-2041 प्रारूप विकास योजना (ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान-2041) पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विकास योजना के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में भविष्य की जनसंख्या, शहरी विस्तार, सडक़ नेटवर्क, औद्योगिक विकास, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं तथा आधारभूत ढांचे को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ आगे की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूरी करेंगे। उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि वर्ष 2041 को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई यह विकास योजना पानीपत को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और संतुलित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण दस्तावेज सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि प्रारूप विकास योजना में वर्ष 2041 तक पानीपत की जनसंख्या इसी के अनुरूप आवासीय, औद्योगिक, व्यावसायिक तथा सार्वजनिक उपयोग की भूमि का वैज्ञानिक तरीके से नियोजन किया गया है। प्रस्तावित योजना में
योग्य क्षेत्र शहरीकरण को शामिल किया जाएगा ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शहर का विस्तार सुनिश्चित किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि योजना में विभिन्न क्षेत्रों की व्यवहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जहां आवश्यक था, वहां सडक़ों का पुनर्संरेखण (री-अलाइनमेंट) किया गया है। बाहरी परिधि मार्ग (आउटर पेरिफेरी रोड) को भी व्यवहारिक स्थिति के अनुसार संशोधित किया गया है। इसके अलावा नगर निगम की आवश्यकता के अनुरूप सेक्टर- 53 में जलापूर्ति के लिए बूस्टिंग स्टेशन तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) स्थल को भी योजना में शामिल किया गया है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकास योजनाएं केवल वर्तमान आवश्यकताओं को नहीं बल्कि आने वाले कई दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र, बेहतर यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं और नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि विकास योजना के अंतिम प्रकाशन से पूर्व नियमानुसार इसे राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा तथा आम नागरिकों से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। प्राप्त सुझावों का नियमानुसार परीक्षण कर अंतिम विकास योजना तैयार की जाएगी, जिससे नागरिकों की सहभागिता भी सुनिश्चित हो सके। उपायुक्त डॉ हरीश ने ने कहा कि पानीपत प्रदेश का तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक एवं व्यावसायिक शहर है। ऐसे में सुनियोजित विकास योजना से भविष्य में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा नागरिकों को बेहतर शहरी वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा। उपायुक्त डॉ. हरीश ने बताया कि जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखेगा और जनहित में प्रत्येक आवश्यक कदम समय पर उठाए जाएंगे।

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