राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान पानीपत में छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति किया जागरूक
नशे को नष्ट कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं बेटियां : डॉ. अशोक कुमार वर्मा
BOL PANIPAT । हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार, IPS के दिशा-निर्देशों तथा पुलिस उप महानिरीक्षक सह संयुक्त पुलिस उपायुक्त फरीदाबाद राजेंद्र कुमार मीणा, IPS के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में नशे के विरुद्ध तीन प्रकार से व्यापक स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं। प्रथम प्रवर्तन, दूसरा जागरूकता और तीसरा पुनर्वास। इसी अभियान के अंतर्गत जन जागरूकता को भी महत्व दिया जा रहा है ताकि कोई युवा अज्ञानता के कारण नशे की दलदल में न चला जाये।

ब्यूरो द्वारा विशेष रूप से जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी के रूप में उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा को नियुक्त किया हुआ है जो साइकिल से प्रतिदिन हरियाणा के विभिन्न जिलों में पहुंचकर युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूक कर रहे हैं। इसी क्रम में आज डॉ. अशोक कुमार वर्मा राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान, पानीपत पहुंचे। संस्थान के छात्रावास की लगभग एक सौ तीस छात्राओं तथा 5 महिला प्रशिक्षिकाओं की उपस्थिति में नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम किया गया। संस्थान की मुख्य प्रशिक्षिका बबीता की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम हुआ। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा एक प्रकार का व्यसन है, जो व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार, रोजगार और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। युवतियां और महिलाएं समाज के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए उन्हें स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज नारी शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल, चिकित्सा और प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। ऐसे समय में महिलाओं और युवतियों की भूमिका केवल अपने विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण की सशक्त प्रहरी भी बन सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश अपने घर और समाज तक पहुंचाएं। डॉ. वर्मा ने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्या है। इसलिए इसके विरुद्ध जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को नशे से दूर रहने, नशे के अवैध व्यापार की सूचना देने तथा आवश्यकता पड़ने पर नशा ग्रस्त व्यक्ति को उपचार एवं पुनर्वास की दिशा में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ने के इच्छुक व्यक्ति को तिरस्कार नहीं, बल्कि सहयोग, उपचार और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। परिवार को भी ऐसे व्यक्ति का मनोबल बढ़ाना चाहिए और उसे चिकित्सकीय एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने छात्राओं एवं प्रशिक्षिकाओं को नशे से सदैव दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के विरुद्ध जागरूक करने की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि यदि किसी व्यक्ति को नशे के संबंध में जानकारी हो अथवा कोई व्यक्ति नशा छोड़ना चाहता हो, तो राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर संपर्क करें। हरियाणा में नशे से संबंधित सूचना अथवा सहायता के लिए 9050891508 पर भी संपर्क किया जा सकता है। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने छात्राओं को संदेश दिया—“नशा छोड़ो, आगे बढ़ो; स्वस्थ युवा ही सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं।” “नशा होता अच्छा- माँ कहती खा बच्चा।”

Comments