Friday, March 13, 2026
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ट ने छात्र/ छात्राओं को गुड टच बैड टच/ नशे के दुष्प्रभावों व साइबर क्राईम बारे विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया।

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at March 4, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 04 मार्च 2022, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ट ने विशेष जागरूकता अभियान के दौरान मिलेनियम स्कूल में छात्र/ छात्राओं को गुड टच बैड टच, नशे के दुष्प्रभावों व साइबर क्राईम बारे विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ट ने विशेष जागरुकता अभियान के दौरान शुक्रवार को अंसल में स्थित मिलेनियम स्कूल में छात्र/छात्राओं को गुड टच व बैड टच बारे विस्तार से जानकारी देते हुए बताया की अच्छे बुरे की पहचान कर बुराइयों का उसी समय विरोध करना चाहिए। स्कूल आते जाते समय या घर के आस-पास, बाजार या किसी अन्य स्थान पर यदि कोई मंनचला किस्म का युवक छींटाकशी, दुर्व्यवहार छेड़छाड़ इत्यादी करता है तो उसकी हरकतों को अनदेखा करने की बजाय उसका विरोध करे। यदि उसकी हरकतो को अनदेखा किया तो ये कम होने की बजाय बढ़ती ही जाएगी। साथ ही किसी अंजान व्यक्ति के साथ जाने, उसके द्वारा दिए जाने वाले प्रलोभन को इनकार करने एवं इस प्रकार की बात होने पर तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों व अपने भाई बहनो को बताने बारे कहा। बच्चो के लिए बनाए गए कानून बारे की भी विस्तार से जानकार दी। उन्होने बताया जरूरत पड़ने पर महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 या डायल 112 या संबधित पुलिस थाना में सूचना दे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मदद के लिए तुरंत आपके पास पहुचेगी।

नशे के खिलाफ :

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ट ने नशे के दुष्प्रभाव व नशे से परिवार मे होते बिखराव बारे छात्राओ को जानकारी देते हुए बताया कि नशा लगातार समाज को खोखला करता जा रहा है इसके चलते जहा नशा करने वालो का जीवन बर्बाद हो जाता है वही उसका परिवार भी बिखर जाता है। नशा करने से व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है व उसकी सोचने समझने की शक्ति भी खत्म हो जाती है। ज्यादातर अपराधिक घटनाओ के पीछे कारण मादक व नशीली दवाओ के सेवन की लत ही पाई जाती है। इसलिए हम सभी को एक साथ मिलकर इस बुराई को जड़ से खत्म करना है इसके लिए हम सभी को स्वय नशे से दूर रहना होगा और अपने आस-पास रहने वाले लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके।

साइबर अपराध बारे :

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ट ने छात्र/छात्राओं को साइबर अपराध बारे जागरूक करते हुए बताया कि हर क्षेत्र में तकनीक बढी है तो साइबर अपराधी भी अपराध करने के नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे है। जैसे सीवीवी/ओटीपी, यूपीआई फिसिंग, रिक्वेस्ट मनी क्यूआर कोड, फर्जी कैशबेक ऑफर, लाटरी के नाम पर व ओएलएक्स इत्यादी के माध्यम से लोगों के साथ ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे है। साइबर ठगी का शिकार होने से बचने के लिए जागरूकता ही एक विशेष उपाय है।

उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी ठगी करने के लिए बैंक के अधिकारी बनकर लोगों को फोन कर कहते हैं कि उनका डेबिट कार्ड ब्लाक हो गया है या केवाइसी अपडेट नहीं है या आधार बैंक खाते से जुड़ा नही है। फिर आधार को बैंक खाते से जोड़ने, केवाईसी अपडेट करवाने या डेबिट कार्ड शुरू करने के बहाने उनसे खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी लेकर खातों से राशि निकाल लेते हैं। जबकि किसी भी बैंक द्वारा कभी भी डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, ओटीपी की जानकारी नहीं ली जाती। व्हाट्सएप मैसेज, फोन या अन्य इंटरनेट मीडिया के माध्यम से कभी भी किसी को डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, ओटीपी इत्यादि गोपनीय जानकारी सांझा न करें।

उन्होंने बच्चों को बताया कि फेसबुक पर प्रोफाइल बनाते समय अपनी पहचान कैसे गोपनीय रखी जाती है, किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट कभी भी असेप्ट नही करनी चाहिए, अपनी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपने फोटो व वीडियो डालने से परहेज करना चाहिए। इनका कोई गलत इस्तेमाल कर सकता है। फेसबुक, वॉटसअप या मेल पर आये किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक ना करें, इसके माध्यम से हैकर आपके फोन को हैक करके आपके बैंक खाते से आपकी सारी जमा पूंजी को उड़ा सकते है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ वीडियो कॉल आदि ना करें, वह व्यक्ति इसका गलत इस्तेमाल करके आपको ब्लैकमेल कर सकता है। ऑनलाइन शापिंग साइट्स पर शॉपिंग करते समय यह ध्यान रखें कि शॉपिंग साइट सुरक्षित व अधिकृत है। ऑनलाइन शापिंग साइट्स पर सस्ता सामान मिलने के लालच में ना आयें, पहले वैरिफाई कर लें। किसी को भी अपने कार्ड नम्बर, सीवीवी व ओटीपी आदि किसो को नहीं बताने चाहिएं। किसी भी ऐपलिकेशन को डाउनलोड करने से पहले उसे अच्छी तरह से वैरिफाई कर लेना चाहिए। किसी भी सूरत में पासवर्ड सरल ना बनाएं। हमेशा एक मजबूत पासवर्ड होना चाहिए। अपने लैपटॉप व कम्प्यूटर को हमेशा पासवर्ड लगा कर रखना चाहिए। इस तरह की सावधानियां अपना कर हम सम्भावित साइबर अपराध होने से बच सकते हैं। साइबर फ्रॉड या साइबर अपराध होने की स्थिति में साइबर क्राइम राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या ऑनलाइन पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इस दौरान स्कूल की प्रिंसिपल अमिता कोचर व स्कूल का स्टाफ मौजूद रहा।

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