यमुना और ड्रेन प्रदूषण पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, उपायुक्त ने किया मैराथन निरीक्षण
उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ
जिले में प्रदूषण नियंत्रण की सख्त मुहिम, ड्रेन, एसटीपी, सीईटीपी और औद्योगिक क्षेत्रों का उपायुक्त ने लिया जायजा
यमुना संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
BOL PANIPAT , 9 जून। जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिले में जल प्रदूषण नियंत्रण, ड्रेन प्रबंधन तथा सीवरेज एवं औद्योगिक अपशिष्ट जल शोधन व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थलों का दौरा कर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण की शुरुआत बाबरपुर मंडी के निकट एनएच पर ड्रेन नंबर-2 क्रॉसिंग ब्रिज से की गई। उपायुक्त ने ड्रेन नंबर-2 में आ रहे पानी की स्थिति का जायजा लिया और ड्रेन में पहुंच रहे दूषित एवं जहरीले पानी पर गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई औद्योगिक इकाई अथवा अन्य स्रोत बिना उपचारित पानी ड्रेन में छोड़ रहा है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने इस संबंध में प्राप्त शिकायतों और तथ्यों की जांच कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
इसके उपरांत उपायुक्त डॉ हरीश वशिष्ठ ने ददलाना गांव के निकट एचएसआईआईडीसी के नए औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 2.5 एमएलडी क्षमता वाले कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, क्षमता तथा उपचारित जल के प्रबंधन की जानकारी ली और अधिकारियों को इसकी कार्यक्षमता और प्रभावशीलता बढ़ाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने शिमला गुजरान के निकट ड्रेन नंबर-1 और ड्रेन नंबर-2 के संगम स्थल तथा खोजकीपुर के पास ड्रेन नंबर-2 और पवित्र यमुना नदी के मिलन बिंदु का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में बिना उपचारित प्रदूषित जल यमुना नदी में न पहुंचे। उन्होंने खोजकीपुर क्षेत्र में यमुना के बैराज तथा पिलरों की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी ली और वहां की स्थिति पर चर्चा की।
उपायुक्त ने पुराने औद्योगिक क्षेत्र का भी दौरा किया और वहां स्थित पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से पंपिंग स्टेशन की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और इसके बेहतर उपयोग की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली तथा इसे अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने वहां पर एक फैक्ट्री द्वारा फैलाई जा रहे प्रदूषण पर संज्ञा लेने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके अलावा उन्होंने छाजपुर खुर्द तथा रसलपुर टैंकर प्वाइंट का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने ड्रेन नंबर-1 के 3000 आरडी क्षेत्र का भी निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था और प्रदूषण नियंत्रण उपायों का जायजा लिया।
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त जाटल रोड स्थित 20 एमएलडी मल शोधन संयंत्र (एसटीपी) भी पहुंचे। यहां उन्होंने संयंत्र की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया तथा शोधन प्रक्रिया के बाद निकलने वाले जल की गुणवत्ता से संबंधित बीओडी, सीओडी और टीडीएस मानकों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी मानकों का नियमित रिकॉर्ड रखने और समय-समय पर अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि उपचारित जल की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप बनी रहे।
उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले के इंडेक्स प्लान की भी समीक्षा की तथा जिले में संचालित सातों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों की प्रगति और कार्य क्षमता की जानकारी ली। ददलाना क्षेत्र में ईटीपी और अन्य जल शोधन संसाधनों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुछ व्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण और जल संरक्षण के क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिले में जल प्रदूषण, ड्रेन प्रबंधन और यमुना संरक्षण को लेकर प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। किसी भी औद्योगिक इकाई या अन्य स्रोत द्वारा बिना उपचारित दूषित जल को ड्रेन अथवा यमुना में छोडऩे की अनुमति नहीं दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां सामने आई हैं, वहां संबंधित विभागों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध संसाधनों, सीईटीपी, एसटीपी, पंपिंग स्टेशनों तथा अन्य जल शोधन व्यवस्थाओं का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ जल निकासी व्यवस्था तथा यमुना नदी की निर्मलता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, एसडीएम पानीपत मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी, बीडीपीओ शक्ति सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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