Monday, April 27, 2026
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युवाओं को नई दिशा प्रदान करने में सक्षम है एग्रीबिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर (एबिक) :  उपायुक्त

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 28, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 28 सितम्बर। जिला उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि युवाओं को नाबार्ड व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से स्थापित एग्रीबिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर (एबिक) के माध्यम से 5 से 25 लाख रुपये की अनुदान राशि देता है जिससे युवा अपना स्टार्टप शुरू कर सकते हैं। यह अनुदान राशि एक प्रक्रिया के तहत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दी जाएगी। इसके लिए मात्र  चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ,हिसार व एबिक की वेबसाइट 17 अक्तूबर, 2022 तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
जिला उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में अपना व्यवसाय स्थापित करने का एक सुनहारा अवसर है। एबिक सेंटर से प्रशिक्षण व वित्तीय सहायता लेकर युवा नौकरी खोजने की बजाय नौकरी देने वाले बन सकते हैं। इस सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप्स देश को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही युवा, किसान व उद्यमी एबिक सेंटर के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन, सर्विसिंग, पैकजिंग व ब्रांडिग करके व्यापार की अपार संभावनाएं तलाश सकते हैं।
एबिक के अध्यक्ष एवं चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय,हिसार  के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने बताया कि इस सेंटर के माध्यम से युवा, किसान व उद्यमी मार्केटिंग, नेटवर्किंग, लाईसेंसिंग, ट्रैडमार्क व पेटेंट, तकनीकी व फंडिग से संबंधित प्रशिक्षण लेकर कृषि क्षेत्र में अपने स्टार्टअप को नया आयाम दे सकते हैं। इसके लिए ‘पहल’ व ‘सफल’-2022 नाम से दो प्रोग्राम शुरू किए गए हैं, जिसमें ‘पहल’ प्रोग्राम में 5 लाख रुपये जबकि ‘सफल’ प्रोग्राम में 25 लाख रुपये की अनुदान राशि का प्रावधान है।
प्रो. बी.आर. काम्बोज ने बताया कि पिछले  3 सालों में 44 स्टार्टअपस को केन्द्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्रालय द्वारा 5 करोड़ 18 लाख की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। प्रो. बी.आर. काम्बोज ने बताया कि आवेदक को अपने आइडिया का प्रपोजल ऑनलाइन निवेदन करना है। इसके बाद उस आइडिया का इंक्युबेशन कमेटी तथा यूनिवर्सिटी की आरआईसी कमेटी द्वारा दो महीने के प्रशिक्षण के लिए चयन किया जाएगा। इसके अलावा प्रशिक्षण के बाद दोबारा यही कमेटी आवेदक के आइडिया को प्रस्तुत करवाएगी और चयनित आवेदक के नाम के प्रस्ताव को अनुदान राशि के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के पास भेजा जाएगा।
प्रो. बी.आर. काम्बोज ने बताया कि ये दोनों कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में काफी मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा इस सेंटर से अब तक जुड़े युवा उद्यमी व किसानों ने ना केवल अपना कंपनी का टर्न ओवर करोड़ो रुपए तक पहुंचाया है अपितु उन्होंने दूसरे लोगों को रोजगार भी प्रदान किया  है।

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