एग्री स्टैक पंजीकरण से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना होगा आसान, कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से न रहे वंचित: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
किसानों की डिजिटल पहचान बनेगा एग्री स्टैक, 27,799 किसानों का पंजीकरण पूरा, 18,210 किसानों का पंजीकरण अभी शेष
सरपंचों और नंबरदारों को गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
मुनादी और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से किसानों तक पहुंचेगी जानकारी
BOL PANIPAT , 2 नवंबर। जिले में एग्री स्टैक फार्मर पंजीकरण अभियान को गति देने और शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक कर आवश्यक दिशानिर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त डॉ हरीश ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एग्री स्टैक पंजीकरण के महत्व को समझाते हुए प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंच बनाई जाए और इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया जाए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि एग्री स्टैक केवल किसानों का पंजीकरण कराने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसानों की डिजिटल पहचान तैयार करने और उन्हें सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं एवं सुविधाओं से जोडऩे की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से किसानों की पहचान और कृषि भूमि से संबंधित रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध होगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र किसानों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उपायुक्त ने कहा कि भविष्य में कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ लेने के लिए एग्री स्टैक पंजीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसलिए कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से वंचित नहीं रहना चाहिए। उपायुक्त ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने वाले 46 हजार से ज्यादा किसान हैं। इनमें से 27,799 किसानों का एग्री स्टैक पंजीकरण हो चुका है, जबकि 18,210 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है। उन्होंने शेष किसानों से अपील की कि वे बिना किसी देरी के अपना पंजीकरण करवाएं, ताकि उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली कृषि संबंधी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उपायुक्त ने सभी सरपंचों और नंबरदारों को इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में मुनादी करवाकर किसानों को पंजीकरण के महत्व की जानकारी दी जाए। कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी आपसी तालमेल से कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंच सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने अधिकारियों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि किसानों को पंजीकरण से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध करवाई जा सके।
बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, नगराधीश टीनू पोसवाल, तहसीलदार वीरेंद्र गिल, मनोज, विनती, नरेंद्र दलाल के अलावा डीडीए बलवंत सहारण, एसडीओ देवेंद्र कुहाड़, अरविंद आदि मौजूद रहे।

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