Friday, July 31, 2026
Newspaper and Magzine


“आज के युग में आर्थिक विकास में उद्यमिता की भूमिका” विषय पर इनवाइटेड टॉक का आयोजन किया गया.

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 11, 2025 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : आई.बी.स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मार्केटिंग विभाग एवं कल्याणी एजुकेशन वेलफेयर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में “आज के युग में आर्थिक विकास में उद्यमिता की भूमिका” विषय पर एक इनवाइटेड टॉक का आयोजन किया गया. जिसमें लगभग 46 विद्यार्थियों ने भाग लिया।इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रविंद्र कुमार (प्रोपराइटर, सुदर्शन एंटरप्राइजेज) रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक ने कहा कि आज के दौर में उद्यमिता आर्थिक विकास का एक प्रमुख चालक है, जो नवाचार और नई तकनीकों को बढ़ावा देती है और नए रोजगार के अवसर पैदा करती है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमिता सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान करती है और जीवन स्तर को बेहतर बनाती है। उद्यमी नए उत्पादों और सेवाओं के साथ बाजार में आते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और उपभोक्ताओं को लाभ होता है। इसी अवसर पर महाविद्यालय की उप -प्रधानाचार्या डॉ. किरण मदान ने कहा कि उद्यमिता विभिन्न क्षेत्रों में नए उद्योगों को जन्म देती है, जिससे अर्थव्यवस्था अधिक विविध और लचीली बनती है। यह किसी भी एक क्षेत्र पर निर्भरता को कम करता है। इस आयोजन के मुख्य वक्ता मिस्टर रविंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्यमिता देश और उद्यमी दोनों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता का मार्ग बन सकती है। यह आयातित वस्तुओं और सेवाओं पर देश की निर्भरता को कम करती है और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है। निर्मित वस्तुओं और सेवाओं का विदेशी बाजारों में निर्यात भी किया जा सकता है, जिससे विस्तार, आत्मनिर्भरता, मुद्रा प्रवाह और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त होती है। इसी प्रकार, उद्यमियों को अपने वित्तीय भविष्य पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त होता है। अपनी कड़ी मेहनत और नवाचार के माध्यम से, वे आय और धन अर्जित करते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होती है। इस अवसर पर कार्यक्रम की संयोजिका मार्केटिंग विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम मदान ने  धन्यवाद करते हुए कहा कि उद्यमी स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, जिससे गरीबी कम होती है और समुदाय का राजस्व बढ़ता है। यह क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देता है और आर्थिक शक्ति का विकेंद्रीकरण करता है। इस कार्यक्रम की सह -संयोजिका माधवी ने कहा कि उद्यमी अक्सर सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए नए समाधान और मॉडल विकसित करते हैं, जिससे सामाजिक और आर्थिक दोनों तरह के बदलाव आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को नौकरी के अलावा उद्यमी बनने के भी अवसर खोजने चाहिए।  मंच का संचालन सोनिया विरमानी द्वारा किया गया। इस अवसर पर माधवी, निशा गुप्ता, मनीत कौर, सोनिया विरमानी एवं कल्याणी एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट से सुनील कुमार एवं आंचल मौजूद रहे |

Comments