महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार की हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है और कानून की नजऱ में गंभीर अपराध है : उपायुक्त
BOL PANIPAT : 25 नवम्बर। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस हमें यह संदेश देता है कि महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार की हिंसा—शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, आर्थिक या डिजिटल—पूरी तरह अस्वीकार्य है और कानून की नजऱ में गंभीर अपराध है। महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना प्रशासन, पुलिस और समाज की साझा ज़िम्मेदारी है।
पानीपत जिला प्रशासन महिलाओं के अधिकारों एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि हिंसा या उत्पीडऩ की किसी भी घटना की सूचना तुरंत 1091, 181, 112 या स्थानीय पुलिस एवं जिला प्रशासन को दें। समय पर हस्तक्षेप न केवल एक महिला को सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करता है। हम मिलकर ऐसा वातावरण बनाने का संकल्प लें, जहाँ हर महिला सम्मान, सुरक्षा और समान अवसरों के साथ आगे बढ़ सके।
जिला प्रोटेक्शन एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने कहा कि महिलाओं के प्रति हिंसा केवल व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनशीलता और न्याय व्यवस्था को चुनौती देती है। जिला प्रोटेक्शन कार्यालय के रूप में हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी महिला, किशोरी या बच्ची को हिंसा का सामना न करना पड़े, और यदि कोई ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसे तत्काल सहायता, परामर्श, सुरक्षा और कानूनी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि महिला हिंसा केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक और ऑनलाइन माध्यमों से भी हो सकती है। इसलिए जागरूकता और समय पर रिपोर्टिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारा लक्ष्य ऐसा जिला बनाना है, जहाँ हर महिला निर्भय होकर जी सके, अधिकारों का उपयोग कर सके और सम्मान प्राप्त कर सके — क्योंकि सुरक्षित महिला ही सुरक्षित समाज की नींव है।

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