Friday, April 24, 2026
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फसल अवशेष प्रबंधन के तहत पराली आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने के लिए 15 जुलाई तक करे आवेदन. 65 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान.

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at July 10, 2025 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 10 जुलाई। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) योजना के तहत वित् वर्ष 2025-26 में धान पराली आपूर्ति श्रृंखला की स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है। इच्छुक आवेदक 15 जुलाई तक विभागीय पोर्टल डब्लूडब्लूडब्लूडॉटएग्रीहरियाणाजीवीडॉटइन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

सहायक कृषि अभियंता सुधीर ने जानकारी देते हुए बताया कि आवेदक को बैंक वितीय सहायता की अप्रूवल व प्रोजेक्ट रिपोर्ट सहित अन्य आवश्यक कागजात विभाग को जमा कराने होंगे। जिसके आधार पर 21 जुलाई को जिला स्तरीय कमेटी द्वारा सभी आवेदनों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह योजना पराली आधारित उद्योग किसान, किसानों के समूह, किसानों की सहकारी समितिया और पंचायत के लिए उपलब्ध है, जो उनके 25 किलोमीटर के दायरे में स्थित हो।  आवेदक का हरियाणा राज्य का निवासी होना अनिवार्य है तथा उसका उद्योग भी हरियाणा राज्य में स्थापित होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि आवेदक के पास बैंक से सैद्धांतिक मंजूरी और प्रस्तावित मशीनों की क्षमता 3000-4500 मीट्रिक टन प्रति सीजन होनी चाहिए। योजना के तहत 100 प्रतिशत पराली आधारित उद्योग, पराली उद्योग और पराली एग्रीगेटर को वरीयता दी जाएगी, जिनके बीच द्विपक्षीय समझोता हो और वे पिछले दो वर्षों से पराली का प्रबंधन और खरीद कर रहे हो 7 इस परियोजना की लागत 1 करोड़ रुपए से 1.5 करोड़ रुपए तक हो सकती है आवेदन करने के लिए दो विकल्प उपलब्ध है, जिसमे कृषि विभाग 65 प्रतिशत अनुदान राशि देगा 7 इस प्रोजेक्ट खर्च का 25 प्रतिशत खर्च उद्योग और 10 प्रतिशत खर्च एग्रीगेटर द्वारा वहन किया जाएगा। द्वितीय विकल्प में 65 प्रतिशत अनुदान और 35 प्रतिशत एग्रीगेटर का योगदान शामिल है।

सहायक कृषि अभियंता सुधीर ने बताया की अनुदान पर मिलने वाले प्रमुख यंत्र, 200-500 किलो क्षमता वाले बेलर, हे-रेक व टेडर मशीन, टेली हैंडलर, नमी मापक यंत्र, वाटर टेंक व अग्नीशमक हैमेर मिल, रोटरी स्लेशर, ट्रोली, एक्सेल, भंडर, ट्रेक्टर आदि है । जिन आवेदको ने वर्ष 2024-25 में आवेदन कर रखा है, उन्हें पुन: आवेदन करने की आवश्यकता नही है। अधिक जानकारी के लिए सहायक कृषि अभियंता कार्यालय एवं कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

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