Friday, September 18, 2026
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‘हिंदी राष्ट्रभाषा हो’ विषय पर गूंजे आर्य कॉलेज की छात्राओं के तर्क, करनाल में प्राप्त किया पहला व तीसरा स्थान

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 18, 2026 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT – 18 सितंबर 2026 : कुमारी विद्यावती आनंद डी.ए.वी. महिला महाविद्यालय, करनाल में हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर एक राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य विषय ‘हिंदी राष्ट्रभाषा हो’ रखा गया था। इस राज्य स्तरीय मंच पर आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत की हिंदी साहित्य परिषद की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय का नाम पूरे प्रदेश में गौरवान्वित किया।

प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष  वीरेन्द्र शिंगला ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “यदि विद्यार्थियों में प्रतिभा और योग्यता हो, तो सफलता खुद-ब-खुद उनके कदम चूमती है।”

प्राचार्य प्रो.(डॉ.) जगदीश गुप्ता ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा, “ऐसे होनहार और परिश्रमी विद्यार्थियों से ही संस्था का नाम रोशन होता है। अन्य विद्यार्थियों को भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।”

प्रतियोगिता में एम.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा खुशबू ने विषय के पक्ष में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा आज ए.आई. तकनीकी, डिजिटल, साहित्यिक, सिनेमा और उद्योग जगत में निरंतर सशक्त हो रही है। विश्व में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा के रूप में हिंदी फिजी संसद से लेकर न्यूजीलैंड तक अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकी है। खुशबू के तर्कपूर्ण एवं प्रभावशाली वक्तव्य ने निर्णायक मंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया और उन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया।

वहीं, बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा भावना ने विषय के विपक्ष में दमदार तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने संविधान की 8वीं अनुसूची की 22 भाषाओं और अनुच्छेद 343 से 351 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि अहिंदी भाषी क्षेत्रों की जनभावना और उच्च न्यायालयों की कार्यप्रणाली को देखते हुए अन्य क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान भी उतना ही आवश्यक है। भावना के इस संतुलित और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण को भी खूब सराहा गया, जिससे उन्होंने प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया।

छात्राओं के महाविद्यालय पहुंचने पर एक भव्य किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं हिंदी साहित्य परिषद के संरक्षक प्रो.(डॉ.) जगदीश गुप्ता, प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र शिंगला एवं उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने दोनों विजेताओं के साथ-साथ हिंदी विभाग के सभी स्टाफ सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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