Monday, May 18, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में रमन इफेक्ट की खोज करने वाले एकमात्र भारतीय नागरिक वैज्ञानिक नोबेल पुरस्कार विजेता सीवी रमन को उनके जन्मदिवस पर किया गया याद

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at November 7, 2024 Tags: , , , ,

जागरूकता, पोषक भोजन और व्यावहारिक रणनीति से कैंसर से बचाव संभव: प्रो  मयंक अरोड़ा 

वैज्ञानिक अनुसंधान में धैर्य और निरंतरता नई खोजों एवं अविष्कारों का आधार है: प्रो राकेश सिंगला

BOL PANIPAT, 07 नवम्बर,

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के विज्ञान संकाय ने भारतीय भौतिक वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता सर चन्द्रशेखर वेंकट रमन के जन्मदिवस को श्रद्धा और उल्लास भाव के साथ मनाया और इसके साथ राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस को गंभीर भाव के साथ मनाया गया । सेमीनार की विधिवत शुरुआत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, भौतिक विभाग के अध्यक्ष प्रो राकेश सिंगला और रसायन शास्त्र के अध्यक्ष प्रो मयंक अरोड़ा ने की । उनके साथ डॉ एसके वर्मा, डॉ रवि कुमार, डॉ राहुल जैन, प्रो प्रवीण कुमारी, डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ रेखा रानी, डॉ रेणु गुप्ता, डॉ बिंदु रानी, प्रो दिव्या, प्रो साक्षी शर्मा, प्रो सपना, प्रो मुनीष कुमार, प्रो भावना जिंदल, प्रो मुक्ता, प्रो पारस वर्मा, प्रो भारती, प्रो कंवलजीत, दीपक मित्तल सेमीनार का हिस्सा बने । इस अवसर पर प्रो राकेश सिंगला ने बीएससी एवं एमएससी के छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उनकी भविष्य की योजनाओं और सर रमन के कार्यों एवं उपलब्धियों पर चर्चा की । विदित रहे कि वर्ष 1928 में भारतीय भौतिक विज्ञानी सर चन्द्रशेखर वेंकट रमन के द्वारा रमन प्रभाव का आविष्कार किया था । रमन प्रभाव का सम्बन्ध प्रकाश के प्रकीर्ण से है । विज्ञान के क्षेत्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल करने के लिये भौतिक विज्ञान में चन्द्रशेखर वेंकट रमन को नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि स्टिल की स्पेक्ट्रम प्रकृति, स्टिल डाइनेमिक्स के बुनियादी मुद्दे, हीरे की संरचना और गुणों एवं अनेक रंगदीप्त पदार्थो के प्रकाशीय आचरण पर सीवी रमन का किया शोध आज भी मूल्यवान है । उन्होंने ही पहली बार तबले और मृदंगम के संनादी (हार्मोनिक) की प्रकृति की खोज की थी । अनेक पुरस्कारों से सम्मानित सर रमन हर विद्यार्थी के आदर्श है । कड़ी मेहनत और वैज्ञानिक सोच का कोई विकल्प नहीं है और यदि हम ऐसी सोच खुद में विकसित कर ले तो बुलंदियां हमारे कदम चूमेंगी । सर रमन के जन्मदिवस पर विद्यार्थीयो के लिए इस प्रकार के सेमीनार को आयोजित करने का उद्देश्य उनमे विज्ञान के प्रति लगाव को पैदा करना और वैज्ञानिक सोच एवं शोध को बढ़ावा देना है । वैज्ञानिक सोच के बढ़ने से ही हम एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक तथा वैज्ञानिक बन सकते है । 

प्रो राकेश सिंगला ने महान वैज्ञानिक रमन को याद करते हुए कहा कि 28 फरवरी 1928 भारत के लिए एक महान दिन था जब प्रसिद्ध भारतीय भौतिक शास्त्री चन्द्रशेखर वेंकट रमन के द्वारा भारतीय विज्ञान के क्षेत्र में आविष्कार हुआ जिसे बाद में रमन इफ़ेक्ट के नाम से जाना गया । रमन विज्ञान के क्षेत्र के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने भारत में ऐसे आविष्कार पर शोध किया था । रमन आधुनिक युग के पहले ऐसे भारतीय वैज्ञानिक थे जिन्होंने विज्ञान के संसार में  भारत को बहुत ख्याति दिलाई । भारत सरकार ने विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के कारण उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिया है । साथ ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी उन्हें प्रतिष्ठित ‘लेनिन शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया है । 

प्रो मयंक अरोड़ा विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र ने अपने व्याख्यान में कहा कि कैंसर एक गंभीर रोग है जिसके इलाज के दौरान कई थेरेपी और सर्जरी की जाती हैं । इलाज के समय कई बातों का ख्याल रखना अति आवश्यक होता है । इसमें दवाइयों के साथ डाइट का भी खासतौर से ध्यान रखा जाना बेहद जरुरी है । कैंसर के इलाज में विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है । पोषक तत्वों में कमी के शुरुआती लक्षणों का खासतौर से ध्यान रखा जाता है । विटामिन और मिनरल्स से भरपूर फल-सब्जियों का हमें नियमित सेवन करना चाहिए । हमें अपने भोजन में एंटीऑक्सीडेंट जरूर शामिल करने चाहिए । शरीर के ऑक्सीडेशन को रोकने के लिए हमें विटामिन ए, सी, ई, सेलेनियम और जिंक के सेवन को बढ़ाना चाहिए । एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार जैसे गाजर, कद्दू, पपीता, हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, फैटी फिश, काड-लिवर ऑयल, नट्स और बीज का सेवन कैंसर में राम बाण साबित होता है । फलों के बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए हमें फलों को काटने से पहले अच्छी तरह धोना चाहिए । कच्चे और अधपके आहार जैसे मांस, कच्ची मछली, शेल फिश और अंडे के सेवन से बचना चाहिए । जंक फ़ूड एवं अपाश्चुरीकरण चीजों जैसे दूध, पनीर और दही आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए । हमें खाने के समय की अवधि का सख्ती के साथ पालन करना चाहिए । मोटे अनाज जैसे मक्की, बाजरा इत्यादि को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए । उचित व्यायाम एवं योग भी कैंसर से लड़ने में बहुत सहायक है । विटामिन युक्‍त और रेशे वाला पौष्टिक भोजन कैंसर की रोकथाम में बहुत सहायक है बशर्ते इनमे कीटनाशक एवं खाद्य संरक्षण रसायनों का प्रयोग न किया गया हो । अधिक तलें, भुने, बार-बार गर्म किये तेल में बने भोजन से भी कैंसर हो सकता है । कैंसर जैसी बीमारी के खतरे से बचने और इससे जुड़े एहतियात के कदम उठाने, लोगों को इसके लक्षणों की जाँच करने के लिये निर्देश देने के साथ-साथ कैंसर से लाखों लोगो के जीवन को बचाने के लिये आज के दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए । एसडी पीजी कॉलेज ने कैन्सर पर सेमीनार आयोजित करके अपने सामाजिक बोध और दायित्व का निर्वाह किया है और नागरिकों को जागरूक किया है । 

प्रो साक्षी शर्मा ने कहा कि भारत में विज्ञान को नई ऊंचाइयां प्रदान तथा स्वाधीन भारत में विज्ञान के अध्ययन और शोध को जबरदस्त प्रोत्साहन देने का श्रेय सर रमन को जाता है । विज्ञान और अंग्रेज़ी साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी गहरी रूचि थी और यही आगे चलकर उनकी वैज्ञानिक खोजों का कारण बनी । भौतिक में एमए के दौरान वे कक्षा में कम और कॉलेज की प्रयोगशाला में ही अपने प्रयोग और खोजें करने में व्यस्त रहते ।

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