जागरूकता कार्यक्रम : छात्राओं को साइबर सतर्कता व यातायात सुरक्षा की जानकारी देकर जागरूक किया
BOL PANIPAT : 30 नवम्बर 2022, पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन के मार्गदर्शन में यातायात पुलिस व साइबर सेल की टीम ने पुलिस लाइन स्थित डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में रोड सेफ्टी और साइबर क्राइम पर बुधवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा नियमों और साइबर क्राइम से बचाव के सबंध में जानकारी दी गई। बाबरपुर ट्रैफिक थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर अजमेर सिंह ने ट्रैफिक नियमों की महत्वता के बारे में बताया और सड़क सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करने के लिए छात्र-छात्राओं व स्कूल स्टाफ को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन न करनें की वजह से या गलत तरीके से वाहन चलानें के कारण अक्सर सड़क हादसों का शिकार होना पड़ता है, जिससे कई बार जिन्दगी खतरे में पड़ जाती है। सभी को यातायात नियमों के प्रति जागरुक रहना और ट्रैफिक नियमों की पालना करके सड़क पर होनें वालें हादसो को रोकनें में सहयोग करना होगा। अगर कोई वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे समझाकर इसके फायदे व नुकसान के बारें जागरूक करना होगा। यदि हर व्यक्ति यातायात नियमों की पालना करें तो सड़क दुर्घटनाओं की काफी हद तक समस्या अपने आप ही दूर हो जाती है। कुछ लोग खुद ही व्यवस्था बिगाड़ते है, यातायात नियमों का उल्लंघन करते है, जिससे हादसा होने की संभावना बन जाती है। इसके लिए जरूरी है कि हम सभी यातायात नियमों का पालन करके खुद भी सेफ रहे और दूसरों को भी सेफ रखने में मदद करें।

सब इंस्पेक्टर अजमेर ने साइबर क्राइम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आज साइबर अपराध चरम पर है आए दिन नए-नए तरीकों से लोगों को ठगा जा रहा है। साइबर अपराध करने वाले लोग बड़े ही चालाक किस्म के हैं। इससे बचने के लिए जागरूक होने की जरूरत है। वैसे साइबर सेल और साइबर हेल्प डेस्क गठित है, जो काम रही है। सोशल प्लेटफॉर्म को सावधानी और सतर्कता के साथ प्रयोग करें। आज जिस तरह से अपराधियों के द्वारा साइबर अपराध को अपराध का एक सशक्त माध्यम बनाकर प्रयोग किया जा रहा है, उससे बचने के लिए छात्रों को स्वयं जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करना होगा। जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बेहतर उपाय है।
साइबर सेल में तैनात सिपाही आवेश ने इस दौरान विद्यार्थियों को इंटरनेट बैंकिंग, ऑनलाइन फ्राड, वालेट/और यूपीआई संबंधित धोखाधड़ी से किस प्रकार की सावधानी अपना कर बचा जा सकता है इसके बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने फेसबुक हैकिंग, बारकोड के माध्यम से होने वाले फ्रॉड, व्हाट्सएप हैकिंग से बचाव, फर्जी वेबसाइट से होने वाले फ्रॉड के संबंध में सावधानियां बरतने की सलाह दी। सिम कार्ड के माध्यम से, एटीएम कार्ड बदलकर, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के माध्यम से, बायोमैट्रिक,यूपीआई संबंधी फ्राड के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया।
अगर लापरवाही के कारण कोई साइबर ठगी का शिकार हो भी जाता है तो तुरंत राष्ट्रीय साईबर हैल्पलाईन न. 1930 व डायल 112 पर काल करके या फिर साइबर पोर्टल Cybercrime.gov.in पर तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करवाए। इसके अतिरिक्त साइबर क्राइम थाना या नजदीकी थाना में साइबर क्राइम हेल्प डेस्क कर भी शिकायत दे सकते है।
इस दौरान स्कूल की वाइस प्रिंसिपल मंजू गुप्ता व स्कूल का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।

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