Tuesday, May 26, 2026
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9 मार्च को जींद के हुडा ग्राउंड में की जाएगी बदलाव संदेश रैली. 

By LALIT SHARMA , in Politics , at February 20, 2024 Tags:

BOL PANIPAT : 20 फरवरी: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी  ने किसान आंदोलन के बहाने से हरियाणा सरकार द्वारा पूरे प्रदेश की जनता को बंधक बनाने की कड़े शब्दों में आलोचना की है। पार्टी राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप ने आज यहां एक बयान में कहा कि पंजाब के कुछ किसान संगठनों द्वारा दिल्ली कूच के आह्वान से निपटने के नाम पर हरियाणा सरकार ने पूरे प्रदेश की सड़कों पर पुलिस नाकों के अवरोध खड़े कर दिए हैं। यहां तक कि कई जगह पर दीवारें तक खड़ी कर दी है जिससे प्रदेश में आम जनता का कहीं भी आना-जाना पूरी तरह से बाधित हो गया है। दिल्ली जाने वाले सभी रास्तों पर भी पक्की दीवारें, कीलें और कांटेदार तार लगा कर उन्हें बंद कर दिया है जिससे आम जनता को भारी परेशानी के साथ साथ बहादुरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र सहित पानीपत और सोनीपत जिलों में उद्योगों को भी कच्चा माल लाने और तैयार माल को बाहर भेजने में परेशानी आ रही है। इससे पूरे इलाकों में उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। इस तरह रास्ते बंद करने से बीमार व्यक्ति इलाज के लिए भी कहीं नहीं जा पा रहे हैं।
कामरेड कश्यप ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 15 जिलों में धारा 144 लगा रखी है जिससे इन जिलों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियां भी असंभव बना दी गई हैं। 7 जिलों में इंटरनेट की सुविधा बंद कर रखी है जिस कारण अब परीक्षाओं का समय होने के चलते बच्चों की पढ़ाई बाधित होने के साथ ही तमाम व्यापारिक गतिविधियां भी ठप हो गई हैं।
 उन्होंने  कहा कि हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार इस प्रकार से पूरे प्रदेश को बंधक बना कर दरअसल किसानों के प्रति बाकी जनता में हव्वा खड़ा करके उसे किसानों के खिलाफ करने का कुत्सित प्रयास कर रही है।
सीपीआई ने मांग की है कि सरकार तुरंत इन दमनात्मक कदमों को वापस ले और प्रदेश में सामान्य जनजीवन बहाल करे। पार्टी ने कहा कि सीपीआई और सीपीआई(एम) द्वारा जींद में 25 फरवरी को की जाने वाली बदलाव संदेश रैली को प्रदेश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्थगित कर दिया गया है और अब यह रैली 9 मार्च को जींद के हुडा ग्राउंड में की जाएगी जिसे माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा राष्ट्रीय सचिव अमरजीत कौर संबोधित करेंगे।
पार्टी ने जनता से अपील की है कि सरकार द्वारा उसके स्वतंत्र आवागमन के अधिकार पर अंकुश लगाने के विरोध में आवाज उठाए।

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