लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में बैंक अधिकारी अधिक से अधिक सहयोग करें : सांसद संजय भाटिया
BOL PANIPAT , 22 सितम्बर। करनाल लोकसभा सांसद ने बैंक अधिकारियों को लोगों की तत्परता से मदद करने का आह्वान किया है। उन्होंने वीरवार को लघु सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए बैंकों की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने के साथ ही कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के समय में लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में बैंक अधिकारी अधिक से अधिक सहयोग करें।
सांसद ने कहा कि बैंक अधिकारी समाज को सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए जाना कि किस-किस योजना में कितने-कितने आवेदन लम्बित है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि किसी भी व्यक्ति का आवेदन लम्बित ना रहे। उसके लिए वरिष्ठ अधिकारी मामलों को जल्द से जल्द सिरे चढ़वाएं ताकि लोगों को रोज़गार करने के लिए ऋण जल्द से जल्द मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने एवं प्रत्येक देशवासी को सक्षम बनाने के लिए अनेक योजनाओं की शुरुआत की है। बैंकों की स्टैण्डअप इंडिया योजना में एक करोड तक का ऋण बिना किसी गारंटी के दिए जाने का प्रावधान है। सभी बैंक अधिकारी अपनी-अपनी ब्रांच में वर्ष में ऐसे दो लोन अवश्य मंजूर करें ताकि नए-नए स्टार्टअप शुरु करके युवा उद्यमी अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दे सकें। इस अवसर पर उन्होंने एलडीएम को भी बैंकों की विभिन्न ऋण योजनाओं की समीक्षा करने और लम्बित आवेदन का जल्द निपटान करने के लिए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद उपायुक्त सुशील सारवान ने भी बैंक अधिकारियों को जनता की भलाई के लिए काम करने के लिए कहा। उन्होंने बैंक अधिकारियों को कहा कि आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी कर लोगों को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिलना चाहिए ताकि समाज सक्षम हो। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की कोई परेशानी लोगों को ना आए। उन्होंने कहा कि लोगों को रोजगार के लिए ऋण मिलेगा तो लोग सक्षम होंगे और देश स्वावलम्बी बनेगा।
एलडीएम तुलाराम ने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि जिला में 42 बैंकों की कुल 268 शाखाएं हैं और जून 2022 तक कृषि एवं उससे सम्बंधित क्षेत्र में 91 प्रतिशत, एमएसएमई में 112 प्रतिशत, दूसरे प्राथमिक क्षेत्रों (हाउसिंग लोन, एजुकेशन लोन इत्यादि) में 77 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है।

Comments