Friday, April 17, 2026
Newspaper and Magzine


त्रिदिवसीय श्री राम कथा सत्संग का आरंभ


BOL PANIPAT : 1 जून, सनौली रोड, नेता जी कालोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण सांई बाबा मन्दिर के 53वें वार्षिकोत्सव के अंतर्गत त्रिदिवसीय श्री राम कथा सत्संग का आरंभ हुआ। जिसमें प्रवचन करते हुए स्वामी दयानन्द सरस्वती जी ने राम नाम की महिमा का वर्णन किया।

सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरूआत में स्वामी जी के निर्देशन में मुख्य अतिथि अशोक रेवड़ी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वजारोहण किया तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि का स्वागत फूलमालाओं द्वारा किया गया। स्वामी श्री दयानन्द सरस्वती जी ने इस अवसर पर सत्संग की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि एक बार महर्षि वशिष्ठ एवं महर्षि विश्वामित्र की मुलाकात हुई। जिसके बाद महर्षि विश्वामित्र ने महर्षि वशिष्ठ को 1000 वर्ष की तपस्या का फल दिया। जिसके बदले में महर्षि वशिष्ठ ने केवल 2 घड़ी के सत्संग का पुण्यफल ही विश्वामित्र को दिया।

यह देखकर विश्वामित्र मुनि ने इसे अपना अपमान समझा। तब दोनों ऋर्षि ब्रह्मा, विष्ण और महेश के पास यह पूछने के लिए गए कि 1000 वर्ष की तपस्या या दो घड़ी का सत्संग इनमें से क्या श्रेष्ठ है। लेकिन इसका उत्तर नहीं मिला। तब वे दोनों शेषनाग के पास गए। शेषनाग ने कहा कि मुझ पर पृथ्वी का भार टिका है यदि इसे आप इसे कुछ देर के लिए उठा लें तो मैं निर्णय कर सकता हूँ। विश्वामित्र ने अपनी 1000 तपस्या के फल से पृथ्वी को उठाना चाहा लेकिन वह नीचे आने लगी और जब वशिष्ठ ने 2 घड़ी के सत्संग के पुण्य के साथ पृथ्वी को उठाना चाहा तो वह अधर में टिकी रही। यह देखकर विश्वामित्र ने सत्संग की सर्वोच्चता को मान लिया। इससे पूर्व पुन्न राम बांगा ने ‘सजा दो घर को गुलशन सा मेरे घर राम आए हैं’ और वेद कमल ने ‘आप जिनके करीब होते हैं, वो बड़े खुशनसीब होते हैं’ और ‘सतगुरू मैं तेरी पतंग हवा ईच उडदी जावांगी, साईयां डोर हत्थों छड्डी ना मैं कट्टी जावांगी’ सुनाकर आए हुए भक्तों को भाव विभोर कर दिया। मंच संचालन कैलाश नारंग ने किया।  इस अवसर पर किशन लखीना, राजेन्द्र टुटेजा, राजेश लखीना, नरेश रेवड़ी, शैंकी सेठी, अनिल रेवड़ी, पंकज नारंग, मोहित नारंग, रिषभ, सेठी, राम नारायण तनेजा, जुगल नन्दवानी, दिनेश ढींगड़ा, पुजारी प्रेम चन्द शर्मा, हरि कृष्ण जोशी, अशोक सेठी, गौरव जुनेजा, आदि उपस्थित थे।

Comments