थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम को मिली बड़ी कामयाबी.बंद पड़ी बीमा पॉलिसी के पैसे दिलवाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़. गिरोह के 2 आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार.
विकास नगर तहसील कैंप निवासी युवक से 67 लाख रुपए की ठगी की थी
BOL PANIPAT : 16 जून 2024, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए पानीपत थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने बंद पड़ी बीमा पॉलिसी के पैसे दिलवाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की। आरोपियों की पहचान राहुल निवासी पांडव नगर व सुरेश निवासी संजय कॉलोनी गोकुलपुर नई दिल्ली के रूप में हुई। आरोपियों के कब्जे से 17 मोबाइल फोन, 32 सिम कार्ड, 18 वोटर कार्ड, 19 चैक बुक, 20 एटीएम कार्ड, 38 आधार कार्ड, 16 पेन कार्ड व 21 हजार रूपए बरामद किये गए।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीन शर्मा ने बताया कि पानीपत थाना साइबर क्राइम में रसीद पुत्र बलबीर निवासी विकास नगर तहसील कैंप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसने वर्ष 2018 में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस से बीमा करवाया था। वर्ष 2022 में उसने बीमा बंद कर दिया था। बीमा के करीब 14 लाख रुपए आने थे। दिसम्बर 2023 में उसके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन पर कॉलर ने अपने आप को बीमा कंपनी का अधिकारी बताते हुए कहा कि आपको बीमा राशि रिफंड करवाने में जीएसटी चार्ज लगेगा इससे बचने के लिए आपको नई पॉलिसी लेनी पड़ेगी। यह कहते हुए कॉलर ने पीएनबी मैटालाईफ की पॉलिसी दे दी। इसके दो दिन बाद कॉलर ने दोबारा फोन कर पॉलिसी पोर्टल पर शो नही होने की बात कहकर स्टार यूनियन डाई इची और भारती एक्सा लाईफ इंश्योरेंस की पॉलिसी दे दी।
15 दिसंबर 2023 को उसके पास वॉट्सअप पर एक मैसेज आया। युवक ने अपना नाम मोहन पाठक भारती एक्सा लाईफ इंश्योरेंस का रिजनल मैनेजर बताते हुए अपना आई कार्ड भेजकर कहा कि आपका मैक्स पॉलिसी का जो पैसा आना था वह भारती एक्सा लाईफ इंश्योरेंस में मर्ज हो गया है। कॉलर ने पॉलिसी का पैसा रिफंड करने की बात कहकर उससे खाता नंबर और फॉर्म भरने लिए कहा। उसने फार्म भरकर अपना खाता नंबर उसको वॉट्सअप कर दिया।
इसके बाद 16 दिसम्बर को उसके पास मैसेज आया कि तीनों पॉलिसी का पैसा भारती एक्सा लाईफ इंश्योरेंस में मर्ज करके पैसे आपके खाते में जमा करवा करवा दिए जाएगे इसके लिए आपको फाईल चार्ज देना जमा करवाना होगा जो आपको वापिस मिल जाएगा।
उससे फाईल चार्ज के नाम पर अलग-अलग समय में 11 लाख रूपए ऑनलाइन खाते में ट्रांसफर करवा लिए। 26 दिसम्बर को उसके पास अखिलेश पटेल नाम के व्यक्ति ने फोन कर अपने आप को आईजीएमएस का फंड मैनेजर बताते हुए मेल भेजने की बात कही। मेल चैक की तो उसमें 36 लाख 72 हजार 615 रूपये राशि की फाइल तैयार होने की जानकारी थी।
इसके बाद एजेंट को मिलने वाला कमीशन उसके खाते में ट्रांसफर करने व अकाउंट नंबर चेंज करवाने की बात कह कर उससे 11 लाख रुपए और ट्रांसफर करवा लिए। इस प्रकार फाइल रुकने उसको निकलवाने व चार्जिंग के नाम पर अलग-अलग समय में उससे कुल 67 लाख रूपए ट्रांसफर करवा लिए।
31 जनवरी 2024 को उसके पास मेल आई जिसमें लिखा था आपकी कुल राशि 1 करोड़ 32 लाख 95 हजार 600 रूपए हो गई है। उक्त पेमेंट रूकने का हवाला देकर रिलिजिंग के नाम पर आरबीआई का साढ़े 9 प्रतिशत जमा करवाने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्होंने भारतीय एक्सा लाइफ इंश्योरेंस पानीपत स्थित ऑफिस में संपर्क किया तो उन्हें अपने साथ हुई ठगी बारे पता चला। इस प्रकार साइबर ठगों ने इंश्योरेंस पॉलिसी का पैसा दिलवाने के नाम पर उससे ऑनलाइन 67 लाख रुपए की ठगी कर ली। रशीद की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।
इंस्पेक्टर प्रवीन शर्मा ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने विभिन्न पहलुओं पर गहनता से जांच करते हुए 13 जून को दिल्ली के लक्ष्मी नगर से आरोपी राहुल निवासी पांडव नगर व सुरेश निवासी संजय कॉलोनी गोकुलपुर नई दिल्ली को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो आरोपियों ने गिरोह में शामिल अपने अन्य साथी आरोपियों के साथ मिलकर ठगी की उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। गहनता से पूछताछ करने व गिरोह में शामिल फरार अन्य आरोपियों के ठीकानों का पता लगा पकड़ने के लिए पुलिस ने दोनों आरोपियों 13 जून को माननीय न्यायालय में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया था।
रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपियों से खुलासा हुआ आरोपी राहुल अज्ञात जरूरतमंद लोगों को 5 से 6 हजार रूपए देने का प्रलोभन देकर उनके फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड व वोटर कार्ड तैयार करवा उक्त फर्जी दस्तावेज से सिम कार्ड निकलवाने के साथ ही बैंक में फर्जी खाता खुलवाकर साथी आरोपी सुरेश के माध्यम से खाते की पूरी किट गिरोह के अन्य साथी आरोपियों को 50 से 70 हजार रूपए में बेच देता था। गिरोह के अन्य सदस्य उक्त सिम कार्ड व खातों को ऑनलाइन ठगी करने में प्रयोग करते थे।
दोनों आरोपियों के कब्जे से 17 मोबाइल फोन, 32 सिम कार्ड, 18 वोटर कार्ड, 19 चैक बुक, 20 एटीएम कार्ड, 38 आधार कार्ड, 16 पेन कार्ड व 21 हजार रूपए बरामद कर रिमांड अवधी पूरी होने पर रविवार को दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत जेल भेजा गया। गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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