Friday, April 17, 2026
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रजिस्‍ट्रेशन कराके आदि शंकराचार्य के खड़ाऊ के दर्शन कर सकेंगे. उत्‍सव की तरह मनेगा जगदगुरु का आगमन

By LALIT SHARMA , in RELIGIOUS , at September 18, 2022 Tags: , , , ,

जगन्‍नाथ मंदिर में स्‍वागत समिति ने की बैठक, 87087-56412 पर करा सकते हैं रजिस्‍ट्रेशन

शहर की 136 संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया

BOL PANIPAT – शहर में 29 सितंबर को पुरी पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य निश्‍चलानंद सरस्‍वती महाराज राष्‍ट्र उत्‍कर्ष धर्मसभा करेंगे। शाम बाग में शाम पांच बजे यह धर्मसभा शुरू होगी। शंकराचार्य के आगमन की तैयारियों के संबंध में शंकराचार्य स्‍वागत समिति के सदस्‍यों व शहर की सभी धार्मिक, सामाजिक व शैक्षिक संस्‍थाओं के प्रतिनिधियों ने यहां जगन्‍नाथ मंदिर में बैठक की। सर्वसम्‍मति से तय किया गया कि आदि शंकराचार्य ने जो खड़ाऊ पहनकर पूरे देश का भ्रमण किया और चार पीठों की स्‍थापना कीं, उन्‍हीं खड़ाऊ के श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, परम श्रद्धा की प्रतीक इन खड़ाऊ को हाथों से छू भी सकेंगे। इसके लिए श्रदधालुओं को पहले रजिस्‍ट्रेशन कराना होगा। इन्‍हें शाम को चार बजे ही धर्मसभा में पहुंचना होगा, जहां आगे इन्‍हें स्‍थान मिलेगा। रजिस्‍ट्रेशन के लिए 87087-56412 पर संपर्क किया जा सकता है। मंच संचालन सर्व संगठन संस्‍थान के संयोजक सुरेश काबरा ने किया।
सभा की शुरुआत में भारत शर्मा ने आदि शंकराचार्य के बारे में बताया। शंकराचार्य भगवान शंकर के अंश अवतार होते हैं। उनके दर्शन करने मात्र से ही जीवन के दुख खत्‍म हो जाते हैं। आदि शंकराचार्य पर भगवान शंकर की इतनी कृपा थी कि वे मात्र एक वर्ष की आयु में अपने विचार रखने लगे थे। उन्‍होंने संन्‍यास लेकर चार पीठों की स्‍थापना की।
सुरेश गुप्‍ता ने कहा कि शंकराचार्य स्‍वयं भगवान के अवतार हैं। पानीपत वासियों को उनका भव्‍य स्‍वागत करना चाहिए। विकास गोयल ने कहा कि आदि शंकराचार्य के बारे में हमारी पीढ़ी को जानकारी ही नहीं है। हमारे बच्‍चों को जागरूक करना होगा। आक्रांताओं ने हमारे ऊपर पर 700 से ज्‍यादा वर्षों तक राज किया। इसके बावजूद सनातन संस्‍कृति पर आंच नहीं आई। उसकी वजह है आदि शंकराचार्य। अब हमारा कर्त्‍तव्‍य है कि हम शंकराचार्य की सीख और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाएंगे।

उत्‍सव की तरह मनाएंगे शंकराचार्य का आगमन

पाइट शिक्षण संस्‍थान एवं स्‍वागत समिति के सदस्‍य सुरेश तायल ने कहा कि शंकराचार्य निश्‍चलानंद सरस्‍वती
महाराज के आगमन को उत्‍सव की तरह मनाएंगे। स्‍वागत समिति के सदस्‍यों के साथ ही शहर के लोग शंकराचार्य को दिल्‍ली से काफि‍ले में लेकर आएं। शंकराचार्य 28 सितंबर को उनके निवास पर आएंगे। यहां भी जश्‍न मनाते हुए शंकराचार्य को धर्मसभा में लेकर आएंगे।

स्‍कूल के बच्‍चों के लिए हो गोष्ठी

सनातन धर्म संगठन के प्रधान कृष्‍ण रेवड़ी ने कहा कि बच्‍चों को संस्‍कारित करने की जरूरत है। शंकराचार्य
निश्‍चलानंद महाराज का एक विशेष गोष्‍ठी सत्र होना चाहिए। इसमें स्‍कूलों के बच्‍चों को आमंत्रित किया जा सकता है। हम बच्‍चों को संस्‍कारित करेंगे तो आने वाली पीढि़यां हमारी सनातन संस्‍कृति को समझ सकेंगी।

संतों के दर्शन से ही दुख दूर होते हैं

राधे राधे महाराज ने वृतांत सुनाते हुए कहा कि संतों के दर्शन मात्र से दुख दूर हो जाते हैं। भगवान शंकराचार्य
पानीपत आ रहे हैं, यह इस शहर के लिए सौभाग्‍य का अवसर है। नारायण की धर्मपत्‍नी अपने बच्‍चों को लेकर पृथ्‍वी पर आईं थीं। एक दिन आसमान से नारद मुनि नारायण नारायण करते हुए जा रहे थे। उनके दर्शन करने के बाद ही भगवान नारायण की धर्मपत्‍नी ने कहा कि उनके दुख दूर हो गए। इसी से हमें सीख मिलती हैं कि जब भगवान तक संतों के दर्शन से प्रसन्‍न हो जाते हैं तो हम इंसानों के पास तो स्‍वयं शंकराचार्य आ रहे हैं। इससे बेहतर अवसर क्‍या हो सकता है।

इन्‍होंने यह बात की

1- पार्षद शकुंतला गर्ग ने कहा कि नगर निगम की ओर से हर संभव मदद की जाएगी। इसके अलावा वह निजी रूप से इस कार्यक्रम की सफलता के लिए साथ देंगी
2- समाजसेवा संस्‍था से प्रवीन जैन ने कहा कि पूरी दुनिया में हिंदुस्‍तान ही ऐसा देश है, जहां देवों का निवास हुआ।
3- चैंबर ऑफ कामर्स से मोहनलाल गर्ग ने कहा कि पानीपत के आसपास के शहरों में भी शंकराचार्य के आगमन की चर्चा है, सभी मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएंगे
4- गोशालाओं से जुड़े एवं पाइट कॉलेज के चेयरमैन हरिओम तायल ने कहा कि हम अपने बच्‍चों को संस्‍कारित करें।
बच्‍चों को वीर बलिदानियों की कहानियां पढ़ाएं।
5- गंगाधाम मंदिर से पंडित निरंजन पाराशर एवं वेद शर्मा ने कहा कि अनुशासन से ही कार्यक्रम को सफल बनाया जा सकता है

ये फैसले भी लिए गए

1- शहर के 250 से अधिक मंदिरों से पांच-पांच प्रतिनिधि धर्मसभा में आएंगे, मंदिरों से कार्यक्रम के बारे में सूचित किया जाएगा
2- स्‍कूलों के प्रति‍निधियों को आमंत्रित किया जाएगा
3- सभी लोग अपने दस से बीस साल के बच्‍चों को धर्मसभा में अवश्‍य लेकर आएं
4- शंकराचार्य द्वारा पवित्र जल का छींटा भक्‍तों पर बरसाया जाएगा
5- मंदिर-मंदिर और घर-घर में रोजाना हनुमान चालिसा कराने के लिए चर्चा की गई

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