उम्मीदवारों को ऐसे सभी कार्यों से परहेज करना चाहिए जो चुनाव कानून के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आते हों.
BOL PANIPAT , 12 अक्तूबर। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुशील सारवान ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के दृष्टिïगत किसी भी प्रत्याशी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे किसी धर्म, संप्रदाय या जाति के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचे या उनमें द्वेष-तनाव पैदा हो। उम्मीदवार को मत प्राप्त करने के लिए धार्मिक, साम्प्रदायिक या जातीय भावनाओं का सहारा नहीं लिया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि उम्मीदवार द्वारा पूजा के स्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी उम्मीदवार को दूसरे उम्मीदवार की व्यक्तिगत जीवन के ऐसे पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी चाहिए जिनका संबंध उसके सार्वजनिक जीवन या क्रियाकलापों से हो और न ही ऐसे आरोप लगाए जाने चाहिए जिनकी सत्यता स्थापित न हुई हो। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को ऐसे सभी कार्यों से परहेज करना चाहिए जो चुनाव कानून के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आते हों। ऐसा कोई पोस्टर, इश्तहार, पंपलेट या परिपत्र नहीं निकालना चाहिये जिसमें मुद्रक और प्रकाशक का नाम पता ना हो। उन्होंने बताया कि चुनावी सभा में गड़बड़ी करना या विघ्न डालना, मतदाताओं को रिश्वत या किसी प्रकार का पारितोषित देना, मतदान केंद्र के 100 मीटर के अंदर किसी प्रकार का चुनाव प्रचार करना या मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने ले जाने के लिए वाहनों का उपयोग करना, मतदान केंद्र में या आसपास अधिकारियों के कार्य में बाधा डालना आदर्श आंचार सहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

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