क्षेत्र में कारगर साबित होती मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना
जिले में 1022 पात्रों को अब तक मिली 4 करोड़ 50 लाख 36 हजार की आर्थिक सहायता
BOL PANIPAT , 16 जनवरी। राज्य सरकार ने गरीब वर्ग के लिए ऐसी बहुत सी योजनाओं क्रियांन्वित की हुई हैं। वर्तमान समय मे जिनके साथ जुडकऱ बड़ी संख्या में लोग लाभांन्वित हो रहे हैं। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना ऐसी ही एक योजना है जो जिले में कारगर साबित हो रही है। यहा नव विवाहित वर-वधु को बड़े स्तर पर इस योजना का फायदा मिल रहा है। इस योजना के तहत लड़कियों की शादी के लिए शगुन के तोर पर मिलने वाली सहायता राशि एक प्रकार से सरकार की तरफ से उन्हें आर्थिक सहयता प्रदान करती है।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि इस योजना के तहत जिला में 1 अप्रैल 2022 से लेकर अब तक 1022 पात्र इस योजना से जुडकऱ लाभान्वित हो चुके हैं। विभाग की और से 4 करोड़ 50 लाख 36 हजार की सहायता राशि उन्हें अब तक प्रदान की जा चुकी है। उनके अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने वाले वर -वधु को सभी दस्तावेज राजपत्रित अधिकारी या पब्लिक नोटरी द्वारा साक्षांकित करवाया जाने आवश्यक है।
उपायुक्त ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए वर-वधु को शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। वे ही वर-वधु आवेदन कर सकते हैं जिनकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार से कम है। विवाह पंजीकरण के पश्चात ही वे योजना का लाभ ले सकते हैं। वर-वधु को पोर्टल के माध्यम से यह आवेदन करना होगा।
जिला कल्याण अधिकारी जयपान सिंह हुड्डा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का लाभ समाज के विभिन्न वर्ग के पात्र लोग ले सकते हैं। योजना के तहत पात्रों में एससी बीपीएल को 71 हजार की सहायता राशि प्रदान की जाती है जबकि 51 हजार की विधिवाओं की लड़कियों को प्रदान किये जाने का प्रावधान है। 31 हजार रुपये की राशि का प्रावधान सभी वर्ग की पात्र लड़कियों के लिए है।
जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि पात्रों को योजना से जुडऩे के लिए कुछ जरूरी शर्तें का पालन करना जरूरी है। इनमें वधु की आयु 18 वर्ष जबकि वर की आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए वर-वधु को जन्म स्कूल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व पासपोर्ट साईज का फोटो पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
इस योजना का लाभ लेने वाले को अपना या मां-बाप का राशन कार्ड, आधार कार्ड,जाति प्रमाण पत्र आवेदन के साथ अपलोड करना होगा। जनरल श्रेणी के आवेदक को एमसी की रिपोर्ट आवेदन के साथ संलग्न करनी होगा। रिहायशी प्रमाण पत्र, शादी का कार्ड, बैंक खाते की कॉपी का आधार कार्ड से लिंक होनी अनिवार्य है। इसके अलावा शपथ पत्र जिसमें संतानें का विवरण दर्ज हो अपलोड करना होगा।
उन्होंने बताया कि बीपीएल धारकों के पात्रों को अपनी बीपीएल सूची में नाम का हवाला देना होगा जबकि जो पात्र बीपीएल में नहीं आते उन्हे उपमंडल अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र,कृषि भूमि या अन्य भूमि की पटवारी द्वारा जांच रिपोर्ट अपलोड करनी होगी।
उन्होंने बताया कि विधवा महिलाओं को योजना का लाभ लेने के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, उन्हे उपमंडल अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र देना होगा। यह बीपीएल कार्ड धारकों के लिए जरूरी नहीं है। इसके अलावा उन्हे दूसरी शादी ना करने के बारे शपथ पत्र आवेदन के साथ अपलोड करना होगा।

Comments