शौर्य गाथा में बच्चों ने जीवंत किया भारत का गौरव पूर्ण इतिहास
द मिलेनियम स्कूल के दो दिवसीय वार्षिकोत्सव का दूसरा व अंतिम दिवस
BOL PANIPAT : द मिलेनियम स्कूल में रविवार को सालाना उत्सव का दूसरा व अंतिम दिन था। पहले दिन ‘भूली बिसरी यादें’ थीम की रोमांचक प्रस्तुतियों के बाद दूसरा दिन शौर्य गाथा के नाम रहा। इसमें कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने रामायण से लेकर महारानी लक्ष्मीबाई तक घटी गौरवपूर्ण गाथाओं को स्टेज पर जीवंत कर दिया। इस आयोजन में पानीपत के प्रमुख समाजसेवी विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित रहे।
प्रधानाचार्य अमिता कोचर ने अपने संबोधन में वर्ष 2021-22 की यादगार उपलब्धियों की चर्चा की। उन्होंने विशेषकर सुहानी मल्होत्रा, तमन्ना, महिका अरोड़ा, आकृति अरोड़ा आदि विद्यार्थियों का जिक्र किया जिन्होंने 10वीं व 12वीं कक्षा में पूरे जिले में पहला व दूसरा स्थान पाकर विद्यालय का नाम रोशन कर दिया। इसके अतिरिक्त आस्था जिंदल और आध्या रामदेव ने भी अपनी अपनी स्ट्रीम में पहला स्थान पाया है। प्रधानाचार्या ने कहा कि शिक्षा वही पूर्ण होती है जो विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करे। हमारे विद्यार्थी ऐसी परिपूर्ण शिक्षा का जीता जागता उदाहरण हैं।
इसके बाद सीनियर में मिडिल स्कूल के हेड बॉय कृष्णा अग्रवाल और सुव्यास व हेड गर्ल हीरल व रीगा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
पुरस्कार वितरण के बाद रंगारंग कार्यक्रम आरंभ हुए। इसमें रामायण चौपाल, चाणक्य, चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, महात्मा बुद्ध, पृथ्वीराज चौहान, महाराणा प्रताप, शिवाजी, महाराणा रणजीत सिंह से लेकर महारानी लक्ष्मीबाई तक की शौर्यपूर्ण गाथाओं को गीतों व नृत्य के साथ प्रस्तुत किया गया। लगभग डेढ़ घंटे की अविराम प्रस्तुतियों ने भारत के शानदार इतिहास का जादुई मंचन किया जिसमें दर्शक समय का भान भुलाकर आनंदमग्न दिखाई दिए।
इन प्रस्तुतियों में कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 550 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में समाजसेवी अनुराधा कालरा डॉक्टर गीता गुप्ता, माला अवस्थी, सीमा चोपड़ा, प्रियंका दुआ, प्रिया दुआ, आकांक्षा जैन, मेघा भाटिया, नीरू गुलाटी, कंचन सागर, भानु प्रताप सिंह व उनकी पत्नी के अतिरिक्त सैकड़ों अभिभावक भी उपस्थित रहे।

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