आपात स्थिति में प्राथमिक सहायता की जानकारी बचा सकती है अनमोल जिंदगी : गौरव राम करण
सड़क हादसों में मृत्यु दर कम करने के लिए हर व्यक्ति को प्राथमिक सहायता व सीपीआर का ज्ञान जरूरी
150 से अधिक विद्यार्थियों ने सीखा जीवन बचाने का हुनर, सीपीआर और प्राथमिक उपचार का कराया व्यावहारिक अभ्यास
रेडक्रॉस ने विद्यार्थियों को सिखाए आपदा और आपातकाल से निपटने के जरूरी गुर
BOL PANIPAT , 16 सितंबर। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के तत्वावधान में शहीद नायब सूबेदार महेंद्र कुमार राजकीय महाविद्यालय, बहरामपुर, बापौली में प्राथमिक सहायता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 150 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक सहायता देने, सीपीआर करने तथा घायल व्यक्ति को सुरक्षित ढंग से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की व्यावहारिक जानकारी हासिल की।
कार्यक्रम का आयोजन उपायुक्त एवं जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रधान डॉ. हरिश कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन, अंकुश मिंगलानी, उपाध्यक्ष तथा महासचिव डॉ. सुनील कुमार के निर्देशानुसार और सचिव गौरव राम करण की अगुवाई में सेंट जॉन एम्बुलेंस, पानीपत के सहयोग से किया गया। महाविद्यालय के यूथ रेडक्रॉस, रेड रिबन क्लब, एनएसएस तथा प्राथमिक सुविधा केंद्र ने कार्यक्रम में संयुक्त रूप से सहयोग किया।
जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव गौरव राम करण ने बताया कि विश्व प्राथमिक सहायता दिवस प्रत्येक वर्ष सितंबर माह के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। इसी कड़ी में जिला प्रशिक्षण अधिकारी हरमेश चंद की देखरेख में 12 से 18 सितंबर तक जिले में प्राथमिक सहायता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को दुर्घटनाग्रस्त एवं घायल व्यक्तियों का जीवन बचाने के लिए प्राथमिक सहायता की जानकारी देना है।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में यदि आसपास मौजूद व्यक्ति को प्राथमिक सहायता और सीपीआर की जानकारी हो तो वह तत्काल मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाकर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रितू नेहरा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्राथमिक सहायता और सीपीआर की जानकारी आज के समय की आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को आपात स्थिति में किसी घायल या बीमार व्यक्ति की मदद करने के लिए इनका मूलभूत ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यक्रम में दी गई जानकारी को गंभीरता से सीखने और आवश्यकता पड़ने पर उसका सही तरीके से प्रयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक जानकारी और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना था।
इस दौरान सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
प्राथमिक सहायता प्रवक्ता कला भारद्वाज ने प्रतिभागियों को प्राथमिक सहायता के प्रमुख नियमों से अवगत कराया। उन्होंने सीपीआर करने की विधि, प्राथमिक सहायता किट के उपयोग तथा आपात स्थिति में मरीज को सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की विभिन्न विधियों की जानकारी दी। उन्होंने स्वयं व्यावहारिक प्रदर्शन करके विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने भी स्वयं अभ्यास कर सीपीआर एवं प्राथमिक सहायता की तकनीकों को समझा।
कार्यक्रम में अभिषेक मोगा ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस की ओर से विद्यार्थियों को दी गई प्राथमिक सहायता संबंधी जानकारी बेहद उपयोगी और सराहनीय है।
इस अवसर पर डिंपल, अमनजीत, सुरजीत तथा रेडक्रॉस की ओर से नरेंद्र सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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