एसडीपीजी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय सात दिवसीय एनएसएस विशेष कैंप का पांचवां दिन
कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को सड़क सुरक्षा और स्वच्छता पर किया जागरूक
–स्वच्छता ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT : एसडीपीजी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के पाठ्यक्रम अनुसार सात दिवसीय एनएसएस विशेष कैंप का पांचवां दिन रहा जिसमे एनएसएस कार्यकर्ताओं ने काबडी गाँव में ग्रामीण बच्चों, कन्याओं, महिलाओं और युवाओं को कोरोना आपदा से लड़ने और बचाव के उपायों के साथ-साथ उन्हें स्वच्छता अभियान के बारे में विस्तार से बताया. कार्यकर्ताओं ने गाँव की साफ़-सफाई कर ग्रामीणों को अपने आस-पड़ोस को साफ़ रखने के लिए प्रेरित किया. एनएसएस कार्यकर्ताओं ने सड़क सुरक्षा पर रैली निकाल कर युवाओं को ट्रेफिक के नियमों का पालन करने का आग्रह किया और उन्हें सड़क सुरक्षा के फायदे गिनवाये. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, एनएसएस अधिकारी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी की अगुआई में एनएसएस कैंप में 110 छात्र-छात्राए भाग ले रहे है और यह शिविर 21 फरवरी तक चलेगा. इन विषयों के अलावा नशा मुक्ति, कुपोषण एवं स्वास्थ्य जैसे अहम विषयों पर भी एनएसएस कार्यकर्ताओं ने गम्भीरता के साथ लोगों से संवाद और परिचर्चा की. विदित रहे की इस कैंप के प्रतिभागियों का मार्ग दर्शन प्रमुख समाज सेवीयों और अपने विषय के पारंगत विद्वानों द्वारा किया जा रहा है. समस्त काबडी गाँव ने युवा छात्र-छात्राओं के प्रयासों की भरपूर प्रशंसा की.
एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा की प्रजातांत्रिक नेतृत्व को क्रियान्वित करने में दक्षता हासिल करना, स्वयं को रोजगार के योग्य बनाना, विकास के महत्व को समाज तक पहुंचाना, शिक्षित और अशिक्षितों के बीच की दूरी को खत्म करना और समुदाय के कमजोर वर्ग की सेवा के लिए स्वयं में नया जज्बा पैदा करना ही इस प्रकार के कैम्पों को आयोजित करने का मकसद है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की साफ़-सफाई को लेकर सरकार गंभीरता के साथ प्रयासरत है. परन्तु जब तक आम आदमी इस जिम्मेदारी को नहीं समझेगा यह काम आसान नहीं बन पायेगा. उन्होनें एनएसएस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया की वे न सिर्फ साफ़-सफाई रखे बल्कि गंदगी फैलाने वालों को टोके भी. एनएसएस कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तो औरो से भी ज्यादा है. भारत सरकार के सफाई अभियान को हम सभी ने सफल बनाना है. यह एक महत्वपूर्ण विषय है और हमारे बच्चों एवं छात्रों को इसकी जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचानी है. शिक्षक और कॉलेज के अन्य छात्र इसमें पूर्ण उत्साह और उल्लास के साथ शामिल हो कर ‘स्वच्छ अभियान’ को सफल बना सकते है. उन्होनें सभी एनएसएस कार्यकर्ताओं से आग्रह किया की वे ग्रामीणों को भी स्वच्छता के फायदों से अवगत कराये. स्वच्छता केवल शरीर के साफ होने से नहीं आती है बल्कि घर के आसपास भी साफ-सफाई करना भी जरूरी है. प्रतिदिन घर के आस-पास सफाई रखने से बीमारियां नहीं फैलती क्योंकि गंदगी के कारण ही बीमारियां पनपती है. वातावरण स्वच्छ रहेगा तो हमारा शरीर भी स्वस्थ रहेगा क्योंकि स्वच्छता ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है.

एनएसएस अधिकारी डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि सड़क पर चलते समय सड़क सुरक्षा बहुत ही जरुरी है और आज-कल मृत्यु की मुख्य वजहें भी सड़के ही बनती जा रही है. सभी को यातायात नियमों और सुरक्षा नियमों के बारे में भली-भाँती जानना चाहिये ताकि हमारा जीवन सुरक्षित हो सके. उन्होनें कहा की सड़क पर चलने वाले सभी लोगो को अपने बाँये तरफ चलना चाहिये और दूसरी तरफ से आ रहे वाहन को जगह देनी चाहिये, चालक को सड़क पर गाड़ी मोड़ते समय गति धीमी रखनी चाहिये, अधिक व्यस्त सड़कों और रोड जंक्शन पर चलते समय ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए, दोपहिया वाहन चालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट अवश्य पहनने चाहिये वरना उनका जीवन खतरे में पड़ सकता है, गाड़ी की गति निर्धारित सीमा तक ही रखनी चाहिए खासतौर से स्कूल, हॉस्पिटल, रिहायसी इलाकों में, सभी वाहनों को दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाकर रखनी चाहिये, सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों को रोड पर बने निशान और नियमों की अच्छे से जानकारी होनी चाहिये, सीट-बेल्ट का इस्तेमाल करना चाहिए, गाडी या दुपहिया वाहन चलते समय मोबाइल फ़ोन का प्रयोग बिलकुल नहीं करना चाहिए, शराब पी कर वाहन नहीं चलाना चाहिए और यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के नियम-कानूनों को दिमाग में रखना चाहिए. हमारी जरा सी सावधानी से न सिर्फ हम खुद का जीवन सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि दुसरो के जीवन को भी मुसीबत में पड़ने से बचा सकते हैं.

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