छात्र- छात्राओं को पूरी सुविधा ना देने वाले कोचिंग सेंटरों को किया जाए बंद- देशवाल
एक भी कोचिंग सेंटर के पास नहीं फायर विभाग की एनओसी- देशवाल
BOL PANIPAT ,16-06-2023:- आज छात्र संगठन इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (इनसो) के छात्र नेता बलराज देशवाल ने कोचिंग सेंटर मै समस्याओं को लेकर बताया की राजस्थान के सूरत में 24 मई को हुई घटना में कोचिंग सेंटर के अंदर पढ़ाई करने वाले 24 बेकसूर युवाओं ने अपनी जान गंवा दी और इस हादसे का दर्द ताउम्र कई परिवारों के लिए नासूर बनकर रह गया। इसके बाद कल दिल्ली के मुखर्जी नगर मै भी कोचिंग सेंटर मै आग लगने से बड़ा हादसा हुआ है मगर इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग ने कोई सबक नहीं लिया।
इनसो ने मेयर को दिया था ज्ञापन
इनसो छात्र नेता बलराज देशवाल ने बताया की 27 मई 2019 को सूरत घटना को लेकर इनसो ने पानीपत मेयर अवनीत कौर को ज्ञापन दिया था लेकिन 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक पानीपत की बिशनस्वरुप कालोनी में चल रहे किसी भ़ी अवैध कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्यवाही नहीं की इसके बाद कल दूसरी बड़ी घटना दिल्ली में फिर हो चुकी है इन दो बड़े हादसो से नगर निगम और जिला प्रशासन को सबक लेना चाहिए की ऐसी कोई बड़ी अप्रिय घटना यहा घटित ना हो
इनसो छात्र नेता बलराज देशवाल ने बताया की पानीपत जिले में नियमों को ताक पर 600 से 700 की संख्या में कोचिंग एकेडमी चलाई जा रही है जिनके पास जिला दमकल विभाग से ना तो कोई एनओसी है और ना ही सीएलयू का कोई प्रूफ है, सबसे अहम तो इन्हें चलाने की कोई परमिशन या फिर मान्यता तक नहीं है। अगर ऐसे में इन अवैध संस्थानों में सूरत एकेडमी आगजनी जैसा मंजर देखने को मिला तो फिर इसका जिम्मेदार कौन होगा। इनसो छात्र नेताओं ने बताया की अवैध शिक्षा अकादमियों को बंद करने की कार्रवाई केवल कागजों में ही चलाई हैं, शिक्षा विभाग के अधिकारी जिन शिक्षा अकादमियों को रिकॉर्ड में पूरी तरह से बंद दर्शा रहे हैं, वे अब भी धड़ल्ले से नियमों को ठेंगा दिखाकर खुलेआम चल रही हैं, जिनके अंदर बच्चों को भी बुलाया जा रहा है। इतना ही नहीं गली मोहल्लों व संकरे रिहायशी मकानों व खंडहर हो चुकी बिल्डिंगों के अंदर भी अवैध तरीके से स्कूल चलाए जा रहे हैं, जिसकी जानकारी होने के बावजूद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी उन पर कोई कार्रवाई तक नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकेले पानीपत जिले में 600 से 700 कोचिंग सेंटर है जिन पर शिक्षा अधिकारियों ने अब तक कागजी खानापूर्ति के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की है। इनसो नेताओं ने बताया की कोचिंग सेंटरो में छात्रो से भारी संख्या में पैसे लिए जाते है जबकि किसी भी सेंटर में कोई सुविधा नहीं दी जा २ही है जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है कोचिंग सेंटर सिर्फ बच्चों के जेब पर डाका डालने में लगे है उन्हे इनके भविष्य से कोई लेना देना नहीं है एक छोटे से कोचिंग सेंटर पर एक छात्र से 15 से 20 हजार रूपये लिए मासिक लिए जाते है लेकिन सुविधा कुछ भी नहीं दी जाती है

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