एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में चार दिवसीय फेविक्रिल कार्यशाला का शानदार समापन.
–कॉलेज की गृह विज्ञान की छात्राओं को आत्मनिर्भर एवं कौशलपूर्ण बनाने हेतू किया गया आयोजन
–अनुभवी और हुनरमंद पेंटर के लिए पेटिंग के क्षेत्र में अवसर और कमाई असीमिति है: अलका जैन
BOL PANIPAT , 15 अप्रैल,
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में 11 से 14 अप्रैल तक चली चार दिवसीय फेविक्रिल कार्यशाला का विधिवत समापन हो गया जिसका उद्देश्य कॉलेज की गृह विज्ञान की छात्राओं को आत्मनिर्भर और कौशलपूर्ण बनाने हेतू जागरूक एवं प्रशिक्षित करना रहा । कार्यशाला में प्रशिक्षण फेविक्रिल विशेषज्ञ प्रशिक्षिका श्रीमती अलका जैन ने पधार कर छात्राओं को पेंटिंग, टाई एंड डाई और कोस्टर मेकिंग के टिप्स के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रशिक्षण दिया और सरकार के कौशल विकास के उद्देश्य की पूर्ति की । इस ज्ञान और अनुभव की बदौलत ये छात्राएं भविष्य में इस हुनर को प्रोफेशनल तौर पर किसी व्यवसाय में शुरू कर सकती है । यह प्रशिक्षण न सिर्फ छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि उन्हें दूसरों को रोजगार देने वाला भी बनाएगा । माननीय प्रशिक्षिका का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और गृह विज्ञान विभाग से प्रो तन्नु वैद ने किया । चार दिवसीय कार्यशाला में 40 छात्राओं को प्रशिक्षित किया गया ।

अलका जैन फेविक्रिल विशेषज्ञ प्रशिक्षिका ने पेंटिंग (चित्रकला) के बारे में बताते हुए कहा कि पेंटिंग में कोई भी व्यक्ति किसी भी वस्तु को रंगों और अपनी कला के माध्यम से कैनवास या अन्य किसी चीज़ पर उतार देता है । आज के समय में पेटिंग में भविष्य बहुत उज्जवल है और आज लोग भी ज्यादा से ज्यादा पेटिंग खरीदना पसंद करते हैं । एक अच्छे पेंटर को पेटिंग में स्वरोजगार करने के साथ ही सरकारी नौकरी पाने का अवसर भी प्राप्त होता है । ड्राइंग टीचर, व्यावसायिक पेंटिंग आदि में हम अपना भविष्य बना सकते है । यदि हम पेंटिंग में पारंगत है तो हमारा बनाया स्केच और पेंटिंग हजारों-लाखों रूपये में बिक सकता है । इसके अलावा प्राइवेट ऑफिस और सरकारी ऑफिस के संचालकों को भी दीवारों पर स्केच और आकर्षक पेटिंग कराने की जरुरत पड़ती रहती है जिसके लिए सरकारी स्तर पर ठेके निकलते है जिसमें दीवारों और प्राइम स्पॉट पर पेटिंग का कार्य करना होता है । हम इन कार्यों को लेकर भी अपना खुद का स्वरोजगार कर सकते है और इसमें हम काफी पैसा कमा सकते है । आजकल पेंटिंगस को ऑनलाइन बेचना भी बहुत आसान हो गया है और इसके लिए अमेजान जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। पेटिंग के प्लेटफार्म पर जाकर भी हम अपनी पेटिंग को प्रर्दशित या बेच सकते है । उन्होनें टाई एंड डाई और कोस्टर मेकिंग पर भी छात्राओं को विस्तार से समझाया और प्रशिक्षित किया ।
डॉ अनुपम अरोड़ा प्राचार्य ने कहा कि पेटिंग के क्षेत्र में कमाई असीमिति है परन्तु यह काफी हद तक हमारे अनुभव और टैलेंट पर निर्भर करता है । जहाँ कुछ पेटिंगस लाखों रुपये में बिकती है तो कई अन्य के माध्यम से हम अच्छा पैसा कमा सकते है । एक अच्छा पेंटर समय के साथ बेहतर होता चला जाता है और इस क्षेत्र में एक बार नाम होने पर हम हर प्रकार की विधा में कार्य कर सकते है । पेंटर के रूप में व्यक्ति विभिन्न कलाकृतियां बना सकता है जैसे कि वाटर कलर पेंटिंग, ऑइल पेंटिंग, इंक वॉश पेंटिंग, ऐक्रेलिक पेंटिंग, पेस्टल कलर पेंटिंग, ग्लास पेंटिंग, एनकॉस्टिक पेंटिंग आदि । पेंटिंग और कामर्शियल आर्ट में कोर्स करने के बाद हम पेंटर, क्राफ्ट आर्टिस्ट, विजुअलाइजेशन प्रोफेशनल, इलस्ट्रेटर, डिजिटल डिजाइनर, ग्राफिक डिजाइनर, आर्ट प्रोफेशनल, आर्ट डायरेक्टर, आर्ट कंजर्वेटर, आर्ट रीस्टोरेशन स्पेशलिस्ट, कॉमिक आर्टिस्ट, इंटीरियर डिजाइनर आदि में अपना करियर बना सकते हैं ।
प्रो तन्नु वैद ने कहा कि टाई एंड डाईंग विधि हाथ से रंगाई की विधि होती है जिसमें सामग्री के कई छोटे हिस्सों को एक साथ इकट्ठा करके कपड़े में रंगीन पैटर्न तैयार किए जाते हैं और कपड़े को डाईबाथ में डुबाने से पहले उन्हें स्ट्रिंग से कसकर बांध दिया जाता है । डाई बंधे हुए हिस्सों में प्रवेश करने में विफल रहती है और इस प्रकार हमें कपड़ों पर बहुत ही आकर्षक डिजाईन प्राप्त होते है । यही विधि प्रशिक्षिका ने छात्राओं को करके दिखाई है ।

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