Tuesday, April 28, 2026
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सफाई के टेंडर को लेकर विवाद.

By LALIT SHARMA , in Business , at April 29, 2022 Tags: , , , ,

योग्य ठेकेदारों को टेक्निकल बिड से बाहर रखने के लिए इस बार नए नियम व शर्तें लगाई गई : अंसारी

BOL PANIPAT : पानीपत नगर निगम में एक बार फिर से सफाई के टेंडर को लेकर विवाद सामने आया है। पूर्व ठेकेदार मनीष अहमद अंसारी ने आज प्रेस वार्ता कर टेंडर भरने की प्रक्रिया के नियम शर्तों को बदल कर ठेकेदारों को ठेका लेने से वंचित करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह टेंडर पहले भी कई बार खोला जा चुका है परंतु हर बार कैंसिल किया गया है। टेंडर प्रक्रिया में योग्य ठेकेदारों को टेक्निकल बिड से बाहर रखने के लिए इस बार नए नियम व शर्तें लगाई गई हैं ताकि कम रेट में काम करने वाले ठेकेदार टेक्निकल बिड में फेल हो जाए और पहले से कार्यरत कंपनियां व ठेकेदार अपनी लूट को जारी रख सकें।

आपको बता दें कि इसी टेंडर को पिछली बार ठेकेदार मनीष अहमद अंसारी ने भरा था। एल 1 होने के बावजूद उन्हें टेंडर नहीं दिया गया। तब भी उन्होंने यह मामला पत्रकारों के सामने उठाया था जिसके पश्चात मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करके टेंडर प्रक्रिया को रद्द करके दोबारा टेंडर आमंत्रित करने की अनुशंसा की थी।
डॉक्टर अंसारी का कहना है कि मुख्यमंत्री भी ईमानदार है नेता भी ईमानदार हैं और ईमानदारी के साथ शहर की साफ सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहते हैं परंतु ऊपर से लेकर नीचे तक फैले भ्रष्टाचार के चलते सबसे कम रेट लगाने वाले ठेकेदार को टेंडर नहीं मिल पाता। यह बेहद अफसोस जनक है।

नए नियम व शर्तों के बारे में उन्होंने बताया कि इस बार 3 वर्षों के कार्य अनुभव को टेक्निकल बिड में योग्यता का मानदंड बनाया गया है जबकि हकीकत यह है कि पिछले 2 वर्षों में कोविड-19 के चलते काम तथा व्यवसाय पूरी तरह से बाधित रहे थे और पिछले 3 सालों में बहुत सी कंपनियों ने किसी भी अनुबंध प्रतियोगिता में भाग ही नहीं लिया ऐसे में टेक्निकल बिड में योग्यता का यह पैमाना सिरे से गलत है क्योंकि इस पैमाने को आधार मानकर चला गया तो बहुत से ठेकेदार टेक्निकल बिड में बाहर हो जाएंगे। इस प्रकार बहुत सी योग्य कंपनियों को टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित करने का काम यह नए नियम कर रहे हैं।
इसके अलावा टेक्निकल बिड में जो नया नियम और लगाया गया है उसमें वित्तीय क्षमता के लिए अनुमानित वार्षिक कारोबार का 25% निवल मूल्य और पिछले 3 वित्तीय पूर्ववर्ती वर्षों में अनुमानित लागत का 30% योग्यता चिन्ह के रूप में लिया गया है जो सरासर गलत है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया की संदर्भ में उन्होंने एक पत्र हरियाणा के ईमानदार मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भी लिखा है और उनसे तुरंत हस्तक्षेप कर इन नियमों को हटाने का आग्रह किया है। ठेकेदार डॉ मनीष अहमद अंसारी का मानना है कि यदि इस प्रकार नए नियम लगाकर कम मूल्य में काम करने वाले ठेकेदारों को टेक्निकल बिड से हटाया जाएगा तो प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाएगी और जो ठेकेदार वर्तमान में कार्य कर रहे हैं वे मनमानी कीमतों पर कार्य करेंगे जिसकी वजह से फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाना मुश्किल हो जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जो काम मैं पहले 20 पैसे में करता था वही काम आज एक रुपए में हो रहा है और नए नियम न हटाये गए तो हो सकता है कि आने वाले समय में यही काम डेढ़ से ₹2 में होने लगे।
उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द नए नियमों को हटाया जाए ताकि अधिक से अधिक ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में भाग ले सकें और नगर निगम को लूट रहे ठेकेदारों से कम रेट में काम करके फिजूल खर्ची को बचाया जा सके।

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