साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान: पानीपत में स्कूली बच्चों को साइबर अपराध के प्रति किया जागरूक
BOL PANIPAT : 7 दिसम्बर 2022, पुलिस अधीक्षक पानीपत शशांक कुमार सावन के कुशल मार्ग दर्शन मे डीएसपी ट्रैफिक सन्दीप कुमार ने लघु सचिवालय पानीपत से संजय चौक तक साईबर जागरुकता अभियान के तहत साईबर के बढ रहे अपराधो के प्रति जागरुक करने के लिए एक साईकिल रैली का आयोजन करवाया गया जिसमे पुलिस कर्मचारियो व आम जनता ने भाग लिया ।
साइबर सैल द्वारा जिले के स्कूल कालेजों व आम लोगो के सहयोग से अभियान चलाकर विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए साईबर सैल की टीम ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध चरम पर है। आए दिन नए-नए तरीकों से लोगों को ठगा जा रहा है। इसे रोकने के लिए जागरूक होने की जरूरत है। सभी लोगों को यह समझना होगा कि साइबर अपराध करने वाले लोग बड़े चालाक होते हैं। बड़े सोशल प्लेटफार्म को सावधानी व सतर्कता के साथ प्रयोग करना चाहिए।
सावधानी बरतने की दी सलाह
डीएसपी सन्दीप कुमार ने बताया कि सभी विद्यार्थियों को फेसबुक हैकिग, बारकोड़ के माध्यम से होने वाले फ्राड, वाट्सएप हैकिग से बचाव, फर्जी वेबसाइट से होने वाले फ्राड के संबंध में सावधानियां बरतने की सलाह दी । साथ ही उन्होंने फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप इत्यादि इंटरनेट मीडिया साइट्स से हनी ट्रैप के संबंध में छात्रों से जागरूक रहने के लिए कहा। सिम कार्ड के माध्यम से, एटीएम कार्ड बदलकर, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के माध्यम से, बायोमेट्रिक, क्यूआर कोड स्कैन, इंटरनेट मीडिया पर अनजान व्यक्ति से दोस्ती, फर्जी काल, अनजान वाट्सएप वीडियो काल, आनलाइन लोन देने वाले एप, इंटरनेट मीडिया पर रुपयों की मांग करने वालों से, गूगल से कस्टमर केयर नंबर सर्च करने बारे व यूपीआइ संबंधित फ्राड के प्रति भी छात्रों को जागरूक किया गया । उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से अपराधियों के द्वारा इंटरनेट मीडिया को साइबर क्राइम का एक सशक्त माध्यम बनाकर प्रयोग किया जा रहा है। उससे बचने के लिए विद्यार्थियों को खुद जागरूक होने के साथ ही दूसरों को भी जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि पानीपत जिले में साइबर क्राइम थाना व साइबर हेल्प डेस्क गठित है और ये यूनिट अपना काम कर रही है। स्कुली बच्चो व आमजन को सलाह दी कि अगर किसी के साथ भी साईबर अपराध होता है तो तुरन्त साईबर हैल्पलाईल नम्बर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराए जिससे आपकी समस्या का निवारण होने मे तुरन्त सहायता मिलेगी । इस अवसर पर साइबर सैल की टीम व कालेज स्टाफ सदस्य इत्यादि भी मौजूद रहे।
साईबर अपराध के खिलाफ जागरुकता अभियान के साथ ही यातायात नियमो की भी दी जानकारी ।
बिना हेलमेट पापा को बाइक चलाने से रोकेंगे बच्चे:स्कूल में लग रही ट्रैफिक की पाठशाला, पुलिस बच्चों को कर रही जागरूक
ट्रैफिक पुलिस पानीपत की टीमो ने स्कुलो मे जाकर ट्रैफिक नियमो के बारे मे बच्चो को जागरुक किया है । बिना हेलमेट के बाइक या बिना सीट बेल्ट लगाए कार चलाने वालों को उनके बच्चे ही टोकेंगे। इसके लिए स्कूल में ट्रैफिक की पाठशाला लग रही है। इसके तहत चल रहे जागरूकता अभियान में ट्रैफिक पुलिस स्कूली बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दे रही है।
बच्चों के जरिए अभिभावकों को रोकने का प्रयास
सब इन्सपैक्टर अजमेर ने बताया कि पानीपत के स्कूलों में जाकर ट्रैफिक पुलिस बच्चों को ट्रैफिक नियमों की बेसिक जानकारी दे रही है। उन्हें सीट बेल्ट, हेलमेट लगाने, न लगाने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है। रोड सिग्नल, जेब्रा क्रासिंग, ट्रैफिक सिग्नल और वाहन चलाते वक्त ध्यान में रखने वाले अन्य नियमो के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही बच्चों को सिखाया जा रहा कि वह किस तरह अपने मम्मी पापा या घर के बड़े गार्जियन को इन नियमों का उलंघन करने से रोक सकते हैं।

बचपन से ही नियमों का पालन करने की पड़ेगी आदत
सामान्यत युवा वर्ग सबसे ज्यादा नियम तोड़ता है और हादसे का शिकार बन रहा है। 18 से 25 साल तक युवाओं में ट्रैफिक रूल्स तोड़ने की आदत बन चुकी है। जिन स्कूली बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जा रही वो 8वीं से 12 क्लास तक के हैं। अभी से जानकारी होने से आगे चलकर ट्रैफिक नियमों का पालन करना इनकी आदत बन जाएगी।
DSP ट्रैफिक पानीपत सन्दीप कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस ने शहर के अलग-अलग स्कूलों में पहुंचकर बच्चों, शिक्षकों, वैन चालक और कंडक्टरों को रोड सेफ्टी के लिए यातायात नियमों की पालना के बारे में जानकारी दी और बताया कि बच्चों से संबंधित सड़क दुर्घटना के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों और स्कूल बस चालकों, परिचालकों को जागरूक करना जरूरी है। जिससे स्कूल बसों और बच्चों के साथ होने वाले सड़क हादसों में कमी आ सके। इसके अलावा ट्रैफिक थाना बाबरपुर के प्रभारी सब इन्सपैक्टर सुरेश ने स्कूल बसों का निरीक्षण किया। बस चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस, बस में लगे कैमरे, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, फिटनेस प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, बीमा के कागजात चेक किए । उच्च न्यायालय की ओर से स्कूल बस चालक और परिचालक के लिए विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। अगर इन नियमों में किसी भी प्रकार से लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्कूलों की बसों को ट्रैफिक पुलिस की ओर से समय-समय पर लगातार जांच की जाएगी ।

Comments